रीवा।नगर निगम परिषद की बजट पर बुलाई बैठक हंगामे की भेट चढ़ गई. सदन की गरिमा तार-तार हो गई, जब भाजपा और कांग्रेस के पार्षद आमने-सामने आ गए और धक्का-मुक्की के बाद मारपीट की स्थित निर्मित हो गई. ऐसे में महापौर अजय मिश्रा बाबा और परिषद अध्यक्ष व्यंकटेश पाण्डेय ने बीच बचाव करते हुए पार्षदो को अलग किया.नए बजट सत्र में लगातार दूसरी बार बिना चर्चा के बैठक स्थगित करनी पड़ी. बैठक में पहले से ही तैयारी कर भाजपा पार्षद पहुंचे थे और बजट के बिन्दुओ पर चर्चा करने के बजाय हंगामा शुरू कर दिया जो स्थित सदन में देखने को मिली उसको देख कर लग रहा था कि किसी को शहर के विकास की चिंता नही है. सदन की गरिमा तक का ध्यान नही रखा, मर्यादा तार-तार हो गई.
बैठक शुरू होने के साथ नेता प्रतिपक्ष दीनानाथ वर्मा ने एक राष्ट्र एक चुनाव का प्रस्ताव लाया और सभी विपक्षी पार्षदो ने अध्यक्ष को प्रस्ताव पत्र सौपा. जिसके बाद महापौर ने इस पर आपत्ति की, जिसके बाद भाजपा पार्षदो ने विरोध शुरू कर दिया. दोनो तरफ से हंगामा हुआ लेकिन बाद में मामला शांत हो गया. महापौर अजय मिश्रा बाबा ने आपत्ति करते हुए कहा कि यह स्थगित बैठक है और कोई अन्य विषय नही लाया जा सकता.
यह राज्य व केन्द्र सरकार का विषय है तो यह नियम से रेगुलर बैठक में लाया जाय और रेगुलर बैठक में बहुमत से स्वीकार होगा.
उन्होने कहा कि स्थगित बैठक में कोई नया प्रस्ताव नही लाया जा सकता. अध्यक्ष व्यंकटेश पाण्डेय के आदेश पर परिषद सचिव एम.एम सिद्दीकी ने नियम का हवाला देते हुए बताया कि स्थगित बैठक में कोई नया प्रस्ताव नही लाया जा सकता.
विपक्ष के पार्षदो ने नाम के आगे श्री न लगाए जाने को लेकर हंगामा शुरू करते हुए बजट की अर्थी सदन में निकाली और आसंदी के सामने बैठ गए, साथ ही जमकर नारेबाजी की. विपक्ष के पार्षदो का कहना था कि यह महापुरूषो का अपमान है, जब तक सुधार नही होगा तब तक बजट पर चर्चा नही करेगे.
गंगाजल छिडक़ने के दौरान धक्का-मुक्की
बजट की अर्थी निकालने के बाद हंगामा शांत हो गया और आगे कार्यवाही बढ़ाई गई. इसी दौरान कांग्रेस पार्षद मनीष नामदेव शुद्धी करण का हवाला देते हुए गंगा जल सदन में छिडक़ने लगे. इस दौरान नेता प्रतिपक्ष दीनानाथ वर्मा ने मनीष पर बोतल से पानी डाल दिया. इसके बाद समीर शुक्ला जो कि भाजपा पार्षद है वह अपनी सीट से उठकर मनीष के पास पहुंच गए और विरोध किया. इसी दौरान विधायक प्रतिनिधि विवेक दुबे बोतल का पानी कांग्रेस पार्षदो के तरफ छिडक़ने लगे और वही से स्थित बिगड़ गई. कांग्रेस पार्षद धनेन्द्र सिंह और रवि तिवारी सहित रमा दुबे आदि विरोध करते हुए खड़े हो गए. कांग्रेसियो का कहना था कि बोतल का पानी क्यो डाल रहे है. कांग्रेस ने गंगाजल डाला तो पानी डालने की शुरूआत भाजपा के तरफ से हुई. इतने में दोनो तरफ से धक्का-मुक्की शुरू हो गई, एक दूसरे को पार्षद धक्का देने लगे. भाजपा-कांग्रेस के पार्षदो को भिड़ता देख और बिगड़ती स्थित को देखते हुए बीच बचाव करने महापौर और अध्यक्ष आए और सभी पार्षदो को अलग किया.