मऊगंज/भोपाल, 16 मार्च (वार्ता) मध्यप्रदेश के मऊगंज जिले के गड़रा गांव में शनिवार को दो पक्षों के बीच संघर्ष और पुलिस पर हमले की घटना पर मुख्यमंत्री डॉ मोहन यादव ने दुख व्यक्त करते हुए कहा कि वहां पर स्थिति नियंत्रण में है और वरिष्ठ अधिकारी भी मौके पर मौजूद हैं।
डॉ यादव ने इस घटना में शहीद हुए सहायक पुलिस उप निरीक्षक रामचरण गौतम और एक अन्य युवक की मृत्यु पर दुख व्यक्त किया है। उन्होंने कहा कि शाहपुर थाना क्षेत्र के गड़रा गांव में दो पक्षों में आपसी विवाद की सूचना पर तहसीलदार, थाना प्रभारी अपनी टीम के साथ पहुंचे। टीम पर दुर्भाग्यपूर्ण हमले में एएसआई का दुखद निधन हो गया। उन्होंने शोकाकुल परिजनों के प्रति शोक संवेदनाएं व्यक्त की हैं।
डॉ यादव ने सोशल मीडिया के जरिए कहा कि घटना में घायल अन्य पुलिस कर्मचारियों का अस्पताल में इलाज चल रहा है। उन्हें रीवा के अस्पताल में भेजा गया है। घटना के तुरंत बाद धारा 163 के तहत निषेधाज्ञा लागू कर दी गयी है। डीआईजी रीवा, एसपी मऊगंज और अन्य पुलिस अधिकारियों ने मौके पर पहुंचकर स्थिति को नियंत्रित किया। एडीजी रीवा जोन के अलावा पुलिस महानिदेशक को भी मौके पर पहुंचने के लिए कहा गया है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि इस तरह की अमानवीय एवं दुर्भाग्यपूर्ण घटना के सभी आरोपियों पर कड़ी से कड़ी कार्रवाई के निर्देश दिए गए हैं।
वहीं गड़रा गांव में कल देर रात से भारी पुलिस बल तैनात है। पुलिस ने अनेक लोगों को हिरासत में लिया है। गड़रा गांव के एक युवक की कुछ समय पहले सड़क हादसे में मृत्यु हो गयी थी। पीड़ित परिवार वालों ने इस मामले में एक युवक को दोषी बताया और शनिवार को उसे अपने कब्जे में लेकर बंधक बना लिया। उसके साथ जमकर मारपीट की गयी। युवक के साथ बर्बर व्यवहार की सूचना पर पुलिस बल भी मौके पर पहुंचा, लेकिन भीड़ ने उस पर भी हमला कर दिया। इस वजह से एक एएसआई शहीद हो गए और कम से कम चार पांच अधिकारियों कर्मचारियों को गंभीर चोट पहुंची है। बंधक युवक की भी मौत हो गयी है।
इस घटना के बाद से गांव में दो पक्ष आमने सामने आ गए और वहां तनाव की स्थिति बन गयी। वरिष्ठ पुलिस अधिकारियों ने कल रात ही गांव में पहुंचकर स्थिति को नियंत्रित किया। अब वहां पर संदिग्ध आरोपियों की पहचान के भी प्रयास किए जा रहे हैं।
