संघ और भाजपा में पदाधिकारी रहे एक नेता से चर्चा हुई तो पता चला कि खरमास के कारण प्रदेश भाजपा अध्यक्ष का चुनाव 14 अप्रैल तक टल सकता है. दरअसल होलाष्टक की समाप्ति 13 मार्च को होलिका दहन के साथ हो गई है, लेकिन इसके अगले दिन 14 मार्च से खरमास शुरू हो गया. खरमास में मांगलिक कार्य जैसे विवाह, गृह प्रवेश, मुंडन, नए बिजनेस शुरु करना वर्जित माने जाते है. अधिकांश सनातनी इस दौरान वाहन, सोना आदि की खरीदारी भी नहीं करते है.
खरमास की समाप्ति 14 अप्रैल 2025 को होगी. यानी प्रदेश भाजपा अध्यक्ष का मामला तब तक लंबित रह सकता है? राजनीतिक हलकों में भाजपा के नए प्रदेश अध्यक्ष को लेकर निर्णय का इंतजार है. पहले जिलाध्यक्षों के चुनाव के कारण विलंब हुआ. इसके बाद दिल्ली चुनाव के कारण फैसला टला. अब कहा जा रहा है कि पहले राष्ट्रीय अध्यक्ष का चुनाव होगा, इसके बाद प्रदेश अध्यक्ष का. भाजपा के राष्ट्रीय संगठन महामंत्री बीएल संतोष चुनाव प्रक्रिया के प्रारंभ में प्रदेश के दौरे पर थे तब सार्वजनिक तौर पर कहा था कि प्रदेश को नया प्रदेश भाजपा अध्यक्ष जल्दी मिलेगा.
इसके बाद वीडी शर्मा के स्थान पर नए नेता की ताजपोशी तय मानी जाने लगी थी. दौड़ में शामिल नाम अब भी चर्चा में हैं. पर वीडी शर्मा के अपने प्रयास जारी रहे. आखिर, उनके प्रदेश अध्यक्ष रहते भाजपा ने पहले विधानसभा के चुनाव में अच्छी सफलता हासिल की, इसके बाद लोकसभा चुनाव में क्लीन स्वीप कर सभी 29 सीटें जीत लीं. एक बार उनका कार्यकाल बढ़ चुका है, इसलिए उनके रिपीट होने की संभावना कम बताई जा रही है. इस बीच भाजपा नेतृत्व ने पड़ोस के छत्तीसगढ़ और राजस्थान राज्यों में अपने प्रदेश अध्यक्ष रिपीट कर दिए. छत्तीसगढ़ में किरण सिंह जूदेव और राजस्थान में मदन राठौड़ को एक और मौका देकर प्रदेश अध्यक्ष बना दिया। वीडी की उपलब्धियां इन दोनों से कम नहीं हैं। ऐसे में छत्तीसगढ़ और राजस्थान की तर्ज पर मप्र में भी उनके नाम की लाटरी खुल सकती है.
