नयी दिल्ली 07 मार्च (वार्ता) सरकार ने आज कहा कि भारत एवं अमेरिका परस्पर व्यापार में शुल्कीय एवं गैर शुल्कीय बाधाओं को दूर करने के लिए ऐसे बहुक्षेत्रीय द्विपक्षीय व्यापार समझौते (बीटीए) की दिशा में तेजी से आगे बढ़ रहे हैं जिससे ट्रंप प्रशासन के शुल्क संबंधी कार्यवाहियों के प्रभाव न्यूनतम हो और दोनों देशों के बीच आपूर्ति श्रृंखलाओं का एकीकरण हो सके।
विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता रणधीर जायसवाल ने यहां नियमित ब्रीफिंग में अमेरिकी प्रशासन के शुल्क संबंधी कदमों के बारे में एक सवाल के जवाब में कहा, “फरवरी 2025 में प्रधानमंत्री की अमेरिका यात्रा के दौरान, दोनों पक्षों ने पारस्परिक रूप से लाभकारी, बहु-क्षेत्रीय द्विपक्षीय व्यापार समझौते (बीटीए) पर बातचीत करने की योजना की घोषणा की थी। वाणिज्य और उद्योग मंत्री पीयूष गोयल की अमेरिका की यात्रा हुई है और उन्होंने अपने समकक्षों से मुलाकात की है।”
श्री जायसवाल ने कहा कि दोनों सरकारें बहुक्षेत्रीय द्विपक्षीय व्यापार समझौते पर चर्चा को आगे बढ़ाने की प्रक्रिया में हैं। बीटीए के माध्यम से हमारा उद्देश्य माल और सेवा क्षेत्र में भारत-अमेरिका दो-तरफा व्यापार को मजबूत और गहरा करना, बाजार में पहुंच बढ़ाना, शुल्कीय एवं गैर-शुल्कीय बाधाओं को कम करना और दोनों देशों के बीच आपूर्ति श्रृंखलाओं के एकीकरण को गहरा करना है।
मुंबई के 26 नवंबर 2008 के आतंकवादी हमले के सूत्रधार आतंकवादी तहव्वुर राणा के प्रत्यर्पण के बारे में पूछे जाने पर प्रवक्ता ने कहा, “आपने राणा के प्रत्यर्पण के बारे में राष्ट्रपति ट्रम्प की टिप्पणी देखी होगी। संयुक्त वक्तव्य भी इस भावना को दर्शाता है। हम भारत प्रत्यर्पण की अनुमति हासिल करने के लिए आवश्यक औपचारिकताओं को पूरा करने के लिए अमेरिकी सरकार के साथ मिलकर काम कर रहे हैं।”