जबलपुर: मप्र हाईकोर्ट ने एक मामले में कहा कि जवाहरलाल नेहरू कृषि विश्वविद्यालय जबलपुर अनुचित तरीके से छठवें वेतन आयोग के वेतन और भत्ते नहीं रोक सकता। इस मत के साथ जस्टिस विशाल मिश्रा की एकलपीठ ने सेवानिवृत्त प्राध्यापक डॉ. विंध्याचल सिंह को उक्त सभी लाभ प्रदान करने के निर्देश दिये है।
जबलपुर निवासी डॉ. सिंह की ओर से बताया कि याचिकाकर्ता 31 जुलाई 2007 को सेवानिवृत्त हुए थे। उन्हें छठवें वेतन आयोग द्वारा वेतन तथा भत्तों एवं पेंशन के स्थान पर पांचवें वेतन आयोग के तहत ही सेवानिवृत्ति लाभ दिया जा रहा था। इसलिये हाईकोर्ट में याचिका दायर की गई। सुनवाई पश्चात न्यायालय ने उक्त निर्देश दिये।
