उज्जैन:ट्रैवल्स संचालक शासकीय विभागों में वाहनों को अटैच कराने का झांसा देकर 30 से अधिक लोगों की कारे लेकर भाग निकला सभी को प्रतिमाह हजारों रुपए देने की बात कही थी। पुलिस में मामले में धोखाधड़ी का प्रकरण दर्ज कर जांच शुरू की है।नानाखेड़ा थाना पुलिस ने बताया कि शिवम पिता कमल किशोर निवासी रामनगर के साथ कुछ लोगों ने थाने आकर बताया कि जगदीश पिता नंदकिशोर परमार नाम युवक उनके लाखों के वाहन शासकीय विभाग में अटैच कराने की बात कहकर भाग निकला है उसने गाडिय़ों का अनुबंध कराया था और प्रतिमाह 25 हजार रूपये देने की बात कहीं थी।
चार-पांच माह से ना तो उन्हें रूपये मिले है और ना ही जगदीश परमार का पता चल रहा है। उसने सांई विहार में उनसे गाड़ी अटैच करने की बात तय की थी। जहां उसने ऑफिस खोला था। जगदीश परमार के गायब होने की खबर फैलते ही माधवनगर और नागझिरी थाना क्षेत्र के लोग भी शिकायत के लिये पहुंचे। इस दौरान सामने आया कि जगदीश ने नागझिरी क्षेत्र में भी एमएसजी प्रायवेट लिमिटेड नाम से ऑफिस खोला था। लोगों की शिकायत पर जांच शुरू की गई तो सामने आया कि करीब 30 से 35 गाड़ी मालिको को जगदीश ने झांसा दिया है।
रविवार शाम उसके खिलाफ अमानत में खयानत की धारा 316 (4) में प्रकरण दर्ज कर तलाश शुरू की गई है। कुछ लोगों को उसने अपना पता नानाखेड़ा, कुछ को पंवास और कई लोगों को नागझिरी का बताया था। पुलिस की प्रारंभिक जांच में सामने आया कि जिन लोगों की गाडिय़ा ली गई है वह उज्जैन, आगर और आसपास ग्रामीण क्षेत्रों के रहने वाले है। जगदीश ने कुछ लोगों से अनुबंध किया था, कुछ को अनुबंध का झांसा दे रहा था। उसने लाखों की कुछ गाडिय़ा गिरवी रखकर लोगों से 2 से 3 लाख लिये है। कुछ गाडिय़ा उसने बेच दी है। पुलिस के अनुसार ठिकाने लगाई गई गाडिय़ों को बरामद करने का प्रयास शुरू कर दिया गया है।
