
एमयू के रजिस्ट्रार व एनएमसी के सचिव से हाईकोर्ट ने मांगा जवाब
जबलपुर। मप्र हाईकोर्ट के जस्टिस संजीव सचदेवा व जस्टिस विनय सराफ की युगलपीठ ने एमबीबीएस में एक अतिरिक्त मर्सी अटेम्प्ट की मांग करने के मामले में मेडिकल साइंस यूनिवर्सिटी जबलपुर के रजिस्ट्रार और नेशनल मेडिकल कमीशन के सचिव को नोटिस जारी कर जवाब पेश करने के निर्देश दिये है।
यह मामला याचिकाकर्ता नीमच निवासी हार्दिक की ओर से दायर किया गया है। जिसकी ओर से वरिष्ठ अधिवक्ता आदित्य संघी ने पक्ष रखा। जिन्होंने बताया कि एमबीबीएस के प्रथम वर्ष में चौथा प्रयास अंतिम प्रयास होता है। यदि कोई छात्र प्रथम वर्ष में उत्तीर्ण नहीं होता है तो उसे एमबीबीएस पाठ्यक्रम छोड़ना पड़ता है। दलील दी गई कि याचिकाकर्ता अपने चौथे प्रयास में गंभीर रूप से बीमार था, इसलिए वह सिर्फ दो अंक से असफल हो गया। याचिकाकर्ता की ओर से मांग की गई कि उसे एक कर्सी अटेम्प्ट की अनुमति दी जानी चाहिए नहीं तो उसका करियर खराब हो जायेगा। सुनवाई पश्चात् न्यायालय ने अनावेदकों को नोटिस जारी कर जवाब पेश करने के निर्देश दिये है।
