पत्ति निर्माण के लिए सरकार ले रही है उधारी: सीतारमण

मुंबई 17 फरवरी (वार्ता) वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने सोमवार को यहां कहा कि सरकार द्वारा ली जा रही उधारी अनिवार्य रूप से संपत्ति निर्माण के लिए जा रही है और सरकर जुलाई 2024 के बजट में निर्धारित राजकोषीय घाट के लक्ष्य को हासिल करने के लिए प्रतिबद्ध है।
श्रीमती सीतारमण ने यहां हितधारकों के साथ बजट बाद चर्चा में कहा कि कोविड-19 महामारी के बाद सरकार का जोर पूंजी निर्माण में सार्वजनिक व्यय के लिए धन लगाने पर है। व्यय से उपभोग पर ध्यान केंद्रित करने की धारणा सही नहीं है। पूंजीगत व्यय बढ़ाया गया है और साथ ही व्यक्तिगत आयकर में राहत दी गयी है। उन्होंने कहा “ मैं माननीय प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी को 12 लाख रुपये प्रति वर्ष तक की आय वाले करदाताओं को राहत देने के लिए धन्यवाद देती हूं।”
उन्होंने कहा कि बजट बनाने और करदाताओं के पैसे को संभालने के तरीके में जो बड़ा अंतर आया है, वह दो चीजों में परिलक्षित होता है। वित्त मंत्री ने कहा “ हमारी उधारी अनिवार्य रूप से संपत्ति निर्माण के लिए जा रही है। अगर हम उधार लेते हैं, तो हम निर्माण के लिए उधार लेते हैं। हम जुलाई के बजट में निर्धारित राजकोषीय घाटे के मार्ग के लिए प्रतिबद्ध हैं, जिसका लक्ष्य 4.5 प्रतिशत से नीचे है। विनिर्माण को बढ़ावा देने, व्यापार करने में आसानी और सामाजिक बुनियादी ढांचे की बेहतरी के लिए कदम उठाए जा रहे हैं। हम यहीं नहीं रुकेंगे। सुधारों की गति जारी रहेगी।”
उन्होंने कहा कि आयकर अधिनियम, 1961 की समीक्षा में प्रधानमंत्री के ‘जनभागीदारी’ के सिद्धांत का एक बड़ा घटक है। आयकर विधेयक, 2025 के निर्माण के लिए नागरिकों से 60,000 से अधिक इनपुट मिले। नई कर व्यवस्था के तहत, दरों को और अधिक अनुकूल बनाने के लिए संशोधित किया गया है। उच्च आय बैंड को निचले ब्रैकेट में लाया गया है, जिससे करदाताओं को कम दरों का लाभ मिल सके और हर करदाता के पक्ष में पूरे ढांचे को फिर से तैयार किया गया है।
शेयर बाजार में हाल के दिनों में हुयी भारी गिरावट के बारे में पूछे जाने पर वित्त मंत्री ने कहा कि भारतीय अर्थव्यवस्था में आज ऐसा माहौल है जिसमें निवेश भी अच्छा रिटर्न कमा रहा है और मुनाफावसूली भी हो रही है।
बजट में महाराष्ट्र के लिए किये गये प्रावधानाें के बारे में पूछे जाने पर उन्होंने कहा कि उद्योग के अनुकूल राज्य के रूप में महाराष्ट्र की भूमिका को कभी नजरअंदाज नहीं किया जाता है। भारत के रक्षा क्षेत्र को आत्मनिर्भर बनाने में, केंद्र सरकार ने अनुकूल नीतियों के माध्यम से महाराष्ट्र के हर उद्योग का समर्थन किया है। रक्षा उपकरण निर्यात 24,000 करोड़ रुपये से अधिक हो गया है।
उन्होंने कहा कि नए क्षेत्र भी खुल रहे हैं और इसीलिए पिछले दो वर्षों में अंतरिक्ष क्षेत्र, परमाणु क्षेत्र आदि में निवेश आने लगे हैं। भारत को विकसित भारत बनाने की दिशा में प्रधानमंत्री के नेतृत्व वाली सरकार द्वारा कुछ कदम उठाए गए हैं जिनमें अनुसंधान और विकास पर जोर, विशेष रूप से एसटीईएम में पीएलआई के माध्यम से विनिर्माण को बढ़ावा देना, व्यवसायों पर अनुपालन का बोझ हटाना आदि शामिल है।
उन्होंने कहा “ व्यवसायों के लिए इसके लाभों को देखते हुए, मुझे उम्मीद है कि राज्य सरकारें भी व्यापार में आसानी को बढ़ावा देने के लिए आगे आएंगी।”

Next Post

अखिल भारतीय डीएडी बैडमिंटन टूर्नामेंट 18 फरवरी से

Mon Feb 17 , 2025
लखनऊ, 17 फरवरी (वार्ता) रक्षा लेखा खेल नियंत्रण बोर्ड (डीएएससीबी) के तत्वावधान में रक्षा लेखा विभाग के 11वां अखिल भारतीय डीएडी बैडमिंटन टूर्नामेंट (पुरुष और महिला) 18 से 21 फरवरी तक लखनऊ छावनी स्थित ‘ सूर्या खेल परिसर (एसकेपी’)’ में आयोजित किया जाएगा। टूर्नामेंट नॉकआउट आधार पर पांच श्रेणियों पुरुष […]

You May Like