खुले पड़े नालों की गंदगी और बदबू से परेशान आमजन

 

मक्सी, 31 जनवरी. जहां पूरे भारत में स्वच्छता का पाठ पढ़ाया जा रहा है वहीं देश की स्वच्छता में पिछले सात वर्षों से नंबर एक की उपलब्धि हासिल करने वाले शहर इंदौर से मात्र 70 किलोमीटर दूर मक्सी में स्वच्छता को लेकर सवालिया निशान खड़े कर दिए हैं. मक्सी के कई खुले पड़े नाले अब आमजन के लिए खतरा बन गए है उसमें पड़े कचरे की गंदगी और बदबू से आमजन परेशान हैं. नालों को कहीं अधूरा तो कहीं खुला छोड़ दिया गया. वार्ड 4 में नगर के पुराने एबी रोड से लगा खुला नाला, जिसके नजदीक लगे रोड से तिलक स्कूल, सरस्वती शिशु मंदिर स्कूल के छात्र छात्राएं एवं अन्य रहवासी आम जन रोजाना गुजरते हैं. नगर परिषद मक्सी द्वारा नाले बनाए तो गए पर नाले को ढंकने के बजाए उससे निकले सरिये हटाना भी भूल गए, जिससे कभी भी कोई भी बड़ा हादसा हो सकता है. नगर के मुख्य मार्गों पर नालों का खुले पड़े होना और खुले नालों में कचरे का ढेर, नगर परिषद की लापरवाही साफ तौर पर दिखाई दे रही है.

मक्सी नगर में नगर परिषद ने नाला निर्माण तो करा दिया, लेकिन रिहायशी क्षेत्र में वह उसे ढंकना भूल गई. यह नाले खासकर वाहन चालकों के लिए खतरनाक साबित हो रहे हैं. आए दिन यह वाहन चालक संकरा रास्ता और मोड़ होने की वजह से नाले में गिरने का डर बना रहता है. इस समस्या से वार्डवासी तंग आ गए हैं. उधर वार्ड 6 बावड़ी मोहल्ले में भी ऐसी ही स्थिति है. यहां भी नाला निर्माण तो हो गया, लेकिन उसे ढंकने की क ोई व्यवस्था नहीं की गई.वार्ड पांच के स्टेशन रोड पर बने नाले पर भी गंदगी की भरमार है. वार्ड 12 एवं 13 में वार्डवासियों ने नवभारत प्रतिनिधि को अपनी समस्याओं की आप बीती सुनाई. पुरुषों एवं महिलाओं ने कचरा वाहन को लेकर बताया कि पिछले 4 महीने से कचरा वाहन मोहल्ले में नहीं आ रहा है, जिससे हमें कचरा फेंकने में काफी दिक्कत परेशानी का सामना करना पड़ रहा है .मोहल्ले में बनी मस्जिद में नमाज पढऩे के लिए आने वाले नमाजी भी बेतरतीब बनी नाली की गंदगी,बदबू और खुदे हुए रोड से परेशान हैं.

 

सार्थकता नहीं हो रही साबित…

 

मक्सी नगर में बनाए गए नालों की सार्थकता सही साबित नहीं हो रही है. इन नालों का अधूरा निर्माण होने और उन्हें ढके नहीं जाने की वजह से नाले कचरा फेंकने की जगह बन गए हैं. नालों में गंदे पानी की निकासी की जगह कचरे के ढेर लगे हुए हैं.ऐसे में जहां यह नाले बनाए गए हैं यहां गंदे पानी की निकासी की समस्या अभी भी जस की तस है. लाखों रुपए खर्च होने के बाद भी लोगों को गंदे पानी के यहां वहां बहने की समस्या से जूझना पड़ रहा है. कई जगह तो हालत यह है कि नालों में लगातार कचरा फेंके जाने से यह पूरी तरह भर गए हैं, जिससे नालों का अस्तित्व ही खत्म होने लगा है. वहीं शहर के कई वार्डो में खुले पड़े नाले बच्चों की जान के दुश्मन बन गए हैं. वार्ड चार और छह में जिस जगह नाला खुला पड़ा है वहीं से लोग आना जाना करते हैं. जिससे हमेशा बड़ा हादसा होने का डर बना रहता है.

 

संकरे रोड पर नाले पर खुले पड़े लोहे के सरिये

 

मक्सी शहर में एक और साफ. सफाई के लिए कई अभियान चलाये गए, पर वहीं दूसरी ओर नालों की सफाई की सुध भी नहीं ली जा रही है. गंदगी और कचरे से लबालब नालों में पानी की निकासी नहीं होने से गंदा पानी वार्डों में जमा होकर मच्छरों के पनपने में मददगार साबित हो रहे हैं. जिससे वार्डो में लोग बीमारियों जैसे डेंगू, मलेरिया, वायरल बुखार के शिकार हो रहे हैं. नालों की सफाई नहीं होने से लोग नगर परिषद द्वारा चलाए गए सफाई अभियान के औचित्य पर सवाल खड़ा कर रहे हैं. लोगों का कहना है कि नगर परिषद को साफ. सफाई के तहत सबसे पहले नालों की सफाई और उन्हें ढंकने की पहल करना चाहिए तभी सफाई अभियान की सार्थकता साबित होगी.

 

इनका कहना है

नगर में हो रही आमजनों की समस्याओं का निराकरण जल्द से जल्द करवाएंगे.

-अशफाक खान, सीएमओ, नगर परिषद मक्सी

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