
ग्वालियर। माधव विधि महाविद्यालय में छवि प्रसंस्करण कानून व्यवस्था पर कार्यशाला का आयोजन किया गया। कार्यशाला को संबोधित करते हुए डॉ. समता जैन गोयल ने बताया कि छवि प्रसंस्करण कानून व्यवस्था, फोरेंसिक जांच और न्यायिक कार्यवाही में सटीकता और विश्वसनीयता बढ़ाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है। कानून प्रवर्तन एजेंसियां चेहरे की पहचान, लाइसेंस प्लेट पहचान और फिंगरप्रिंट विश्लेषण के लिए छवि प्रसंस्करण का उपयोग करती हैं ताकि संदिग्धों की पहचान की जा सके और आपराधिक गतिविधियों का पता लगाया जा सके। सीसीटीवी फुटेज, बॉडी कैमरा रिकॉर्डिंग और अपराध स्थल की तस्वीरों को छवि प्रसंस्करण तकनीकों का उपयोग करके बढ़ाया जा सकता है। कुल मिलाकर, छवि प्रसंस्करण उच्च-गुणवत्ता वाले दृश्य साक्ष्य प्रदान करके कानूनी प्रणाली की दक्षता और सटीकता को बढ़ाता है। आयोजन की समन्वयक महाविद्यालय की हिंदी विभाग की सहायक प्राध्यापक डॉ. संध्या शर्मा थी। कार्यक्रम में मुख्य अतिथि के रूप में डॉ. समता जैन गोयल असोसिएट प्रोफेसर एमिटी यूनिवर्सिटी एवं छात्र छात्राएं उपस्थित रहे।
