राहुल के कार्यक्रम में विघ्न, बड़े नेता नाराज

सियासत

कांग्रेस में गुटबाजी की लंबी परंपरा है. राजनीतिक विश्लेषक स्वर्गीय प्रभाष जोशी कहते थे कि जिस तरह जातीय व्यवस्था सनातन की मजबूती है और कमजोरी भी. उसी तरह गुटबाजी कांग्रेस को मजबूत और कमजोर करती है. कांग्रेस में यह क्षमता चरित्रगत है कि वो इस तरह की गुटबाजी को आसानी से मैनेज कर लेती है. खास तौर पर तब, जब बड़े आयोजन या चुनाव होते हैं. लेकिन राहुल गांधी के महू के कार्यक्रम में ऐसा नहीं हो पाया. प्रदेश कांग्रेस में लंबे समय से युवक कांग्रेस और भारतीय रष्ट्रीय छात्र संगठन यानी एनएसयूआई के प्रादेशिक नेताओं के बीच वर्चस्व की प्रतिस्पर्धा चल रही है.

खासतौर पर विपिन वानखेड़े बनाम विक्रांत भूरिया और विपिन वानखेड़े बनाम मौजूदा युवा कांग्रेस अध्यक्ष मितेंद्र सिंह यादव के बीच. इस प्रतिस्पर्धा का रिफ्लेक्शन महू के कार्यक्रम में दिखा. दरअसल, महू में आयोजित सभा में एनएसयूआई कार्यकर्ताओं की अनुशासनहीनता उनके लिए बड़ी समस्या बन सकती है. कार्यक्रम के दौरान एनएसयूआई कार्यकर्ता लगातार नारेबाजी कर रहे थे. उनके राष्ट्रीय अध्यक्ष ने भी उन्हें रोकने की कोशिश की लेकिन वह सुनने को तैयार नहीं थे.

इसके बाद मध्य प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री दिग्विजय सिंह ने एनएसयूआई कार्यकर्ताओं को जमकर फटकार लगाई. जानकारी के अनुसार हंगामा करने वाले कार्यकर्ताओं की जल्द रिमांड होने वाली है. इसमें प्रदेश अध्यक्ष आशुतोष चौकसे पर भी कार्रवाई हो सकती है. दरअसल इस दौरान आशुतोष भी सभा में मौजूद रहे और वह इन कार्यकर्ताओं को रोक नहीं पाए. जानकारी के अनुसार जल्द ही अनुशासनहीनता मामले में कार्रवाई की जाएगी. इस पूरे एपिसोड का एक दिलचस्प पहलू यह भी है कि कांग्रेस के ही कुछ नेता कह रहे हैं कि जिन कथित नेताओं पर लगातार नारेबाजी करने का आरोप है वे एनएसयूआई के कार्यकर्ता नहीं, बल्कि भाड़े के मजदूर थे!

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