
ग्वालियर। जब बेटियों को बचाएंगे और पढ़ाएंगे तभी हम विश्वगुरु बन पाएंगे। यह बात माधव विधि महाविद्यालय की राष्ट्रीय सेवा योजना इकाई द्वारा आयोजित नुक्कड़ नाटक के माध्यम से नागरिकों को बतायी गयी। इस नुक्कड़ नाटक में बेटी बचाओ बेटी पढ़ाओ अभियान को ध्यान में रखते हुए समाज में जागरूकता फैलाने का कार्य किया गया है। वक्ताओं ने कहा कि किसी ने सच ही कहा है बेशक़ हम विश्वगुरु थे बेशक हम विश्वगुरु बनने जा रहे हैं परंतु जब तक हमारी हमारी बेटियां अनपढ़ रहेंगी, उनके हाथ में क़लम के स्थान पर झाड़ू दिया जाएगा, तब तक हम किसी भी हाल में विश्व गुरू की श्रेणी प्राप्त नहीं कर सकते। नुक्कड़ नाटक की संयोजिका डॉ निति पांडेय ने नुक्कड़ नाटक के दौरान कहा कि यदि हमें सही मायने में विश्व गुरु की ख्याति प्राप्त करनी है तो हमें सर्वप्रथम समाज की धुरी कही जाने वाली महिला शक्ति को सशक्त करने के लिए शिक्षित करना होगा निसंदेह शहरी क्षेत्रों में बालिका शिक्षा एक विशाल रूप ले रहा है परंतु दूसरी ओर यदि हम ग्रामीण क्षेत्र की बात करें तो वहाँ आज भी बालिकाओं की शिक्षा पर कोई ध्यान नहीं दिया जाता है माता पिता प्राथमिक शिक्षा के बाद बालिकाओं का विवाह कर देते हैं या उन्हें पढ़ाई से हटाकर ग्रह कार्य में निपुण करना उचित समझते हैं निश्चित ही यह कहना ग़लत नहीं होगा जब हम बेटियों को बचाएंगे और उन्हें पढ़ाएंगे तभी हम विश्वगुरु बन पाएंगे।
