
ग्वालियर। हर वर्ष रेलवे ट्रैक के पास पतंगबाजी के चलते कई लोग दुर्घटना का शिकार हो जाते हैं। वर्तमान में सभी रेल खंडों पर विद्युत कर्षण पर रेलगाड़ियां संचालित की जा रही है। रेलवे ट्रैक को अनाधिकृत स्थानों से पार करना रेल अधिनियम 1989 की धारा 147 के अनुसार दंडनीय अपराध भी है, इसके लिए 1000 रुपए तक के आर्थिक दंड अथवा 6 माह का कारावास या दोनों से एक साथ दंडित किया जा सकता है। मंडल रेल प्रबंधक दीपक कुमार सिन्हा ने बताया कि रेलवे ट्रैक के ऊपर से गुजर रही विद्युत तारों में 25 हजार वोल्ट की विद्युत धारा का प्रवाह रहता है। इन तारों के पतंग की डोर के संपर्क में आ जाने पर तेज विद्युत का करंट लग सकता है। विशेषकर धातु युक्त मांझे से यह करंट तीव्र गति से झटका पहुंचा सकता है, जो कि जानलेवा भी हो सकता है। साथ ही रेलवे ट्रैक पर गुजर रही तीव्र रेलगाड़ियों से आप दुर्घटना का शिकार भी हो सकते हैं। रेलवे प्रशासन ने आम लोगों से अपील की है कि पतंगबाजी करते समय रेलवे ट्रैक एवं रेलवे परिसरों से दूर रहें।
