विंध्य की डायरी
डॉ रवि तिवारी
प्रदेश कांग्रेस कमेटी ने निचले स्तर पर संगठन में आ रही गिरावट का आंकलन कर नए सिरे से संगठन को मजबूत करने का प्रयास शुरू किया है. विंध्य के रीवा में जो पहल शुरू की गई है उससे कार्यकर्ताओं में उत्साह दिखाई पड़ रहा है. कांग्रेस पार्टी के प्रदेश सह प्रभारी रणविजय सिंह लोचव इस समय रीवा मऊगंज के चार दिवसीय प्रवास पर है और सभी विधानसभा की समीक्षा बैठक ले रहे है. जहा कार्यकर्ताओ से वन टू वन चर्चा कर रहे है. वही पार्टी को वार्ड से लेकर बूथ स्तर तक मजबूत बनाने की बात कही और कार्यकर्ताओ का सुझाव भी लिये की और क्या करें संगठनात्मक स्तर पर, सह प्रभारी ने संगठन को मजबूत बनाने पर जोर दिया. जानकारों का मानना है कि कांग्रेस ने बहुत दिनों बाद सुनियोजित प्रयास प्रारम्भ किया है. यदि इस प्रकार की कोशिश कुछ पहले चालू हो जाती तो विधानसभा और लोकसभा चुनाव के परिणाम जो काग्रेस के पक्ष में खानापूर्ति तक सीमित रहा है. कुछ और भी हो सकता था. अब यही कहा जा सकता है, देर आए दुरस्त आए.
इंतजार ताजपोशी का
डबल इंजन की सत्ता वाली भारतीय जनता पार्टी में संगठन चुनाव को लेकर जो घमासान चल रहा है. उसने यह स्पष्ट कर दिया है कि कार्यकर्ताओं और पदाधिकारियों में महत्वाकांक्षा चरम पर है. ज्यादातर लोगों में पद की लालसा स्पष्ट दिखाई दे रही है. पहले जिस ढंग से मंडल अध्यक्ष विधायकों की सहमति से नियुक्त हो जाते थे. इस बार उनके लिए भी भाजपा को रायशुमारी का सहारा लेना पड़ था. इसके बावजूद जो तस्वीर सामने आयी है उसमें गुटबाजी का जबरदस्त प्रभाव दिखाई दे रहा है. ऐसी ही स्थिति जिलाध्यक्षों की ताजपोशी में दिखाई दे रही है. पिछले एक हफ्ते से हर दिन यही चर्चा हो रही है कि आज जिलाध्यक्षो की सूची आ सकती है या कल, तो कही यह कहा जाने लगता है कि पैनल में दो के नाम है तो कही तीन के कुल मिलाकर यहां भी वही हो रहा है जो मंडल अध्यक्षो में हुआ था. फिलहाल किसकी ताजपोशी होगी इसको लेकर भाजपा मे बेताबी चरम पर है. नये जिलाध्यक्ष को लेकर तमाम तरह के कयास लगाए जा रहे है आखिर किसको जिम्मेदारी दी जायेगी नया अध्यक्ष कौन होगा अभी भी पूरा मामला पर्दे के पीछे है.
चित्रकूट के विकास के प्रति मुख्यमंत्री गम्भीर
कुंभ के आयोजन में उत्तरप्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ को मिल रही लोकप्रियता को ध्यान में रखते हुए प्रदेश के मुखिया डॉ मोहन यादव ने भी चित्रकूट विकास की बैठक वीडियो कांफ्रेंसिंग के माध्यम से करके अपनी गम्भीरता और संवेदनशीलता को स्पष्ट कर दिया है. यह बात अलग है कि यह प्रयास देरी से हो रहे हैं क्योंकि यह अनुभव रहा है कि कुम्भ का 25 से 40 प्रतिशत श्रद्धालु चित्रकूट भी आता है. यदि उन्हें सोचकर कुछ नए प्रयास किए जाते तो इसका लाभ प्रदेश की सरकार को निश्चित तौर पर मिलता.
रीवा जोन की कमान किसे?
रीवा जोन के नये पुलिस महानिरीक्षक (आईजी) कौन होगे, इसके लिए स्थानीय व राजधानी स्तर पर मंथन चल रहा है. कई पुलिस अधिकारी अपने स्तर पर सम्भावना टटोल रहे हैं. कुछ रीवा और सतना मे रह चुके पुलिस अधीक्षक भी पोस्टिंग पाने के लिए जुगाड लगा रहे. साथ ही गणेश परिक्रमा करने में भी कोई कोताही नही बरत रहे. हालांकि उपमुख्यमंत्री का गृह जिला होने के कारण कुछ अच्छे अधिकारी आने से बच रहे हैं. उनका मानना यह है कि राजनैतिक हस्ताक्षेप से काम करने में दिक्कत ज्यादा आती है. ऐसी स्थिति में कैरियर में दाग लग सकता है. आईजी की पदस्थापना कब तक होगी इस पर अभी कुछ नही कहा जा सकता
