जयस की घोषणा से कांग्रेस-भाजपा में बेचैनी

मालवा- निमाड़ की डायरी
संजय व्यास
कांग्रेस-भाजपा दोनों की मिशन-2023 के लिए मालवा-निमाड़ अंचल की 66 विधानसभा सीटों पर नजर है. मालवा-निमाड़ में 15 जिले, और 2 संभाग आते हैं. इंदौर और उज्जैन संभागों में फैले इस अंचल में आदिवासी और किसान तबके के मतदाताओं की बड़ी तादाद है. इन संभागों में इंदौर, धार, खरगौन, खंडवा, बुरहानपुर, बड़वानी, झाबुआ, अलीराजपुर, उज्जैन, रतलाम, मंदसौर, शाजापुर, देवास, नीमच और आगर जिला आते हैं. अतीत में झांकने पर साफ नजर आता है कि जिस पार्टी ने यहां की अधिकांश सीटों पर परचम फहराया सत्ता उसी ने हांसिल की. यही वजह है कि प्रदेश के दोनों प्रमुख दल कांग्रेस व भाजपा अंचल पर फोकस की तैयारियों में जुटी हैं. उधर, हाल के पंचायत चुनावों में कुछ जगह मिली सफलता से उत्साहित जय आदिवासी युवा शक्ति (जयस) ने भी विधानसभा चुनाव लडऩे की तैयारी शुरू कर दी है.

विगत 2018 के चुनाव में मनावर विधानसभा सीट से जयस संरक्षक हीरालाल अलावा विधायक बने थे. हालांकि यह सीट अंचल की अन्य सीटों पर अपने पक्ष में आदिवासी वोट दिलाने के समझौते के तहत कांग्रेस ने चुनाव के दौरान अलावा के लिए छोड़ी थी. अब अलावा के आगामी 2023 के विधानसभा चुनाव में अनुसूचित जनजाति के लिए आरक्षित सीटों और समाज के प्रभाव वाली सीटों पर जयस के चुनाव लडऩे की घोषणा से कांग्रेस-भाजपा में बेचैनी बढ़ गई है. इन जयस के प्रभाव वाले आदिवासी क्षेत्रों में मुकाबला त्रिकोण्ीाय होने की दशा में इन्हें आदिवासी मत विभाजन का अंदेशा सामने दिख रहा है. ऐसे में इन सीटों पर जयस की संख्या बढ़ती है तो भाजपा और कांग्रेस के लिए सरकार बनाने की चुनौती होगी. यही कारण है कि भाजपा और कांग्रेस दोनों ही राजनीतिक दल आदिवासी वोटरों को साधने की रणनीति बनाने में लग गए हैं.

 देवड़ा-डंग का जलवा कायम, सोजतिया ने बचाई लाज  

मंदसौर जिले में हाल के पंचायत-निकाय चुनाव में जगदीश देवड़ा व हरदीपसिंह डंग ने जहां भाजपा में अपनी महत्ता को साबित किया वहीं दिग्विजयसिंह सरकार में कैबिनेट मंत्री रहे सुभाषकुमार सोजतिया ही कांग्रेस की लाज बचाने में सफल हो पाए, बाकी जगह सूपडा साफ हो गया. मल्हारगढ विधानसभा में कैबिनेट मंत्री जगदीश देवड़ा अपनी तीनों निकाय नारायणगढ, पिपलियामंडी और मल्हारगढ में कमल खिलाने में कामयाब रहे. वहीं सुवासरा विस के कैबिनेट मंत्री हरदीपसिंह डंग भी अपनी विस के निकाय सीतामऊ, सुवासरा, शामगढ में बढत लेने में सफल रहे. मंदसौर नगरपालिका चुनाव में भी इतिहास की सबसे बड़ी हार कांग्रेस को झेलना पड़ी. अब कांग्रेस को आने वाले विस चुनाव को लेकर चिंतन मंथन की जरुरत है. चुनावों के परिणाम से स्पष्ट हो गया कि कांग्रेस की स्थिति मंदसौर जिले में बहुत ज्यादा खराब हो चुकी है.

मोस्ट फिल्म फ्रेंडली स्टेट अवार्ड पर्यटन प्रोत्साहन की दिशा में अच्छे संकेत

राष्ट्रीय फिल्म पुरस्कारों की श्रेणी में मोस्ट फिल्म फ्रेंडली स्टेट अवार्ड के लिए मध्य प्रदेश चुना जाना पर्यटन प्रोत्साहन की दिशा में अच्छे संकेत है. यहां फिल्मों की शूटिंग से देश-विदेश के पर्यटकों का महेश्वर, इंदौर, मांडव की नैसर्गिक खूबसूरत वादियों की और ध्यान जाएगा. अंचल के मांडव व महेश्वर में अनेक फिल्मों की शूटिंग हो चुकी है. जहां मांडव में दिलीपकुमार से लेकर जितेंद्र, हेमामालिनी, गुलजार तक शूटिंग में हिस्सा ले चुके हैं वहीं महेश्वर में रणवीर सिंह, धर्मेंद्र, सनी देओल, बाबी देओल, अक्षय कुमार फिल्म शूटिंग में भागीदार बन चुके हैं. वैसे यहां बता दे कि मध्य प्रदेश सरकार द्वारा फीचर फिल्म, टेली सीरियल और वेब सीरीज की शूटिंग के लिए निर्माता-निर्देशक को तमाम तरह की रियायतें भी दी जाती हैं. यहा के खूबसूरत नजारे तो फिल्मों के माध्यम से दर्शकों तक तो पहुंच रहे है, लेकिन इन स्थलों के पर्यटकों तक प्रमोशन की जरूरत है.

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