भोपाल: दिवाली से पहले मध्य प्रदेश की सफाई व्यवस्था पर संकट के बादल मंडराने लगे हैं। मंगलवार को भोपाल के नीलम पार्क में प्रदेशभर के सफाई कर्मचारियों ने अपनी मांगों को लेकर प्रदेशव्यापी धरना प्रदर्शन शुरू किया। प्रदर्शन में भोपाल समेत अलग-अलग जिलों से बड़ी संख्या में महिला और पुरुष सफाई कर्मचारी शामिल हुए।
अखिल भारतीय सफाई मजदूर ट्रेड यूनियन (7262) के बैनर तले हो रहे इस प्रदर्शन में कर्मचारियों ने सरकार के सामने चार प्रमुख मांगें रखी हैं। इनमें सफाई कर्मचारियों को स्थायी करना, ठेका प्रथा बंद करना, मासिक वेतन बढ़ाकर 25 हजार रुपये करना और कर्मचारी की मृत्यु होने पर उसके बच्चों या नामित व्यक्ति को नौकरी का अधिकार देना शामिल है। कर्मचारियों का कहना है कि लंबे समय से वे शहरों की सफाई व्यवस्था संभाल रहे हैं, लेकिन इसके बावजूद उन्हें पर्याप्त वेतन और नौकरी की सुरक्षा नहीं मिल रही है।
प्रदर्शन में शामिल महिला सफाई कर्मचारियों ने भी अपनी परेशानियां रखीं। उनका कहना है कि मौजूदा वेतन में घर चलाना और बच्चों का पालन-पोषण करना मुश्किल हो रहा है। इसके साथ ही समय पर वेतन नहीं मिलने की समस्या भी बनी रहती है।
सफाई कर्मचारियों ने चेतावनी दी है कि यदि सरकार उनकी मांगों पर सकारात्मक निर्णय नहीं लेती है, तो 4 नवंबर से प्रदेश के सभी नगरीय निकायों में अनिश्चितकालीन हड़ताल शुरू की जाएगी। दिवाली से ठीक पहले हड़ताल की इस चेतावनी ने शहरों की सफाई व्यवस्था को लेकर चिंता बढ़ा दी है। यदि कर्मचारी हड़ताल पर जाते हैं, तो इसका असर प्रदेशभर के नगरीय निकायों में सफाई व्यवस्था पर पड़ सकता है।
