इंदौर: मेट्रो को शहर के भविष्य की बड़ी सौगात माना जा रहा है, लेकिन इसके निर्माण में लगातार हो रही देरी अब आम जनता की मुश्किलें बढ़ा रही है. जिन रास्तों पर निर्माण जारी है, वहां यातायात व्यवस्था भी बुरी तरह प्रभावित हो रही है.शहर में मेट्रो परियोजना को वर्ष 2022 तक पूरा करने का लक्ष्य रखा गया था, लेकिन निर्धारित समय सीमा निकलने के 4 साल बाद भी काम अधूरा है. अब परियोजना की पूर्णता का संशोधित लक्ष्य दिसंबर 2028 किया गया है. वर्तमान में कुछ हिस्सों में मेट्रो का संचालन शुरू हो चुका है, लेकिन कई मार्गों पर निर्माण कार्य अभी भी जारी है.
इसके चलते सड़कों पर जगह की कमी यातायात का दबाव और बार-बार लगने वाले जाम से वाहन चालकों को परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है. दूसरी ओर शहर में लगातार बढ़ती आबादी और वाहनों की संख्या ने यातायात व्यवस्था की चुनौती और बढ़ा दी है. निर्माण के दौरान यातायात विभाग को भी व्यवस्था संभालने में मशक्कत करनी पड़ रही है. मेट्रो से बेहतर सफर की उम्मीद लगाए बैठे नागरिकों के लिए यह इंतजार लंबा होता जा रहा है. जरूरी है कि निर्माण में तेजी लाई जाए और यातायात के लिए बेहतर वैकल्पिक व्यवस्था सुनिश्चित हो, ताकि विकास के साथ जनता की परेशानी भी कम हो.
यह बोले नागरिक…
मेट्रो प्रोजेक्ट शहरवासियों के लिए बड़े गर्व की बात है. इसके निर्माण के बाद शहर की यातायात व्यवस्था में बेहतर सुधार देखने को मिलेगा, जिसका हम इंतजार कर रहे हैं.
– वकील पठान
कंपनी को कार्य में तेजी लाना चाहिए, क्योंकि इसके कार्य में देरी लोगों के लिए परेशानियां खड़ी कर रही है, क्योंकि शहर की सड़कों पर दिनों दिन वाहनों की संख्या बढ़ रही है.
– कुलदीप एकवन
अंडरपास निर्माण बेहतर योजनाएं हैं. इसी तरह से जहां ओपन कार्य चल रहा है, वहां के यातायात के लिए वैकल्पिक व्यवस्था करना चाहिए, ताकि लोगों को परेशानियां न उठाना पड़े.
– लखन जाधव
