पश्चिम बंगाल की कुमारडीही कोयला खदान में 12 घंटे तक फंसे रहे 14 मजदूर, ईसीएल और बचाव दल ने चलाया सफल रेस्क्यू ऑपरेशन

कोलकाता, पश्चिम बंगाल के पश्चिम बर्दवान जिले में स्थित ईस्टर्न कोलफील्ड्स लिमिटेड (ECL) की कुमारडीही भूमिगत कोयला खदान में सोमवार शाम एक बड़ा हादसा होते-होते टल गया। लिफ्टिंग सिस्टम की पुली का ड्रम से रस्सा उतर जाने के कारण खदान के शाफ्ट में करीब 200 फीट (50 मीटर) नीचे 14 खनिक करीब 12 घंटे तक फंसे रहे। घटना के तुरंत बाद राहत एवं बचाव टीम ने तकनीकी खराबी को दुरुस्त करने का काम शुरू किया और मंगलवार सुबह लगभग 5 बजे कड़ी मशक्कत के बाद सभी मजदूरों को सुरक्षित बाहर निकाल लिया।

6 मजदूर ऊपर चढ़ रहे थे और 8 नीचे उतर रहे थे, 12 घंटे तक लटके रहने से खनिकों को हुआ मानसिक तनाव

यह तकनीकी खराबी सोमवार शाम 5:30 बजे आई, जब लिफ्टिंग बॉक्स खदान के बीच रास्ते में ही अटक गया। इसमें सवार 14 मजदूरों में से 8 नीचे उतर रहे थे जबकि 6 ऊपर आ रहे थे। पूरे ऑपरेशन के दौरान अधिकारियों द्वारा मजदूरों से संपर्क बनाए रखा गया और उन्हें भोजन व पानी पहुंचाया गया। हालांकि, 12 घंटे तक हवा में लटके रहने के कारण मजदूरों को भारी शारीरिक और मानसिक तनाव का सामना करना पड़ा। बाहर निकाले जाने के तुरंत बाद सभी श्रमिकों को प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र भेजकर उनकी मेडिकल जांच कराई गई।

भाजपा विधायक जितेंद्र तिवारी ने मौके पर पहुंचकर राहत कार्य का लिया जायजा, घटना की जांच और सुरक्षा ऑडिट की उठाई मांग

घटना की सूचना मिलते ही स्थानीय जनप्रतिनिधि और प्रशासनिक अधिकारी मौके पर पहुंचे। पांडवेश्वर से भाजपा विधायक जितेंद्र तिवारी ने खुद घटनास्थल पर मौजूद रहकर बचाव कार्य की निगरानी की और खनिकों की स्थिति का जायजा लिया। उन्होंने हादसे पर चिंता जताते हुए कोलियरी प्रबंधन से घटना की उच्चस्तरीय जांच करने की मांग की है। इसके साथ ही भविष्य में ऐसे हादसों की पुनरावृत्ति रोकने के लिए खदान के सभी लिफ्टिंग उपकरणों और सुरक्षा प्रणालियों का तुरंत सेफ्टी ऑडिट कराने का आग्रह किया है।

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