
जबलपुर। भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस द्वारा मतदाता सूची की शुद्धता, प्रत्येक पात्र नागरिक के मताधिकार की सुरक्षा और निर्वाचन प्रक्रिया में पारदर्शिता सुनिश्चित करने के लिए ‘वोट बचाओ, देश बचाओ अभियान को देशव्यापी स्तर पर आगे बढ़ाया जा रहा है। इसी क्रम में 1 नवंबर 2026 को दिल्ली के रामलीला मैदान में महारैली आयोजित की जाएगी। अभियान के अगले चरण में 25-26 नवंबर को संविधान दिवस के अवसर पर ‘दिल्ली चलो कार्यक्रम प्रस्तावित है।, मध्य प्रदेश कांग्रेस के कार्यकर्ताओं को 25 नवंबर को ग्वालियर में एकत्रित करने और 26 नवंबर को दिल्ली के लिए रवाना करने की तैयारी है। कार्यक्रम की अंतिम रूपरेखा, यात्रा व्यवस्था और प्रतिभागियों की जिम्मेदारियां पार्टी के आधिकारिक निर्देशों के अनुसार तय की जाएंगी। कांग्रेस महासचिव जयराम रमेश द्वारा घोषित अभियान के तहत पार्टी संगठन को प्रदेश, जिला, ब्लॉक और बूथ स्तर तक सक्रिय कर मतदाता सूची से जुड़े मुद्दों को जन-जन तक पहुंचाएगी।
उक्त जानकारी पत्रकारवार्ता के दौरान कांग्रेस सांसद कल्याण काले, विधायक लखन घनघोरिया, कांग्रेस नगर अध्यक्ष सौरभ नाटी शर्मा ने दी है।
ये है कांग्रेस की मांग
इस दौरान कांग्रेस ने मांग की है कि मतदाता सूची के पुनरीक्षण की प्रक्रिया पारदर्शी हो, पात्र नागरिकों को अपना नाम जांचने और आवश्यक सुधार कराने का पर्याप्त अवसर मिले और सभी शिकायतों का समयबद्ध निराकरण किया जाए। पार्टी का कहना है कि मताधिकार लोकतंत्र का मूल आधार है और किसी भी पात्र नागरिक को इस अधिकार से वंचित नहीं होना चाहिए। कांग्रेस ने ये भी स्पष्ट किया कि मतदाता सूची में संभावित त्रुटियों से संबंधित प्रत्येक शिकायत की जांच तथ्यों और दस्तावेजों के आधार पर होजी चाहिए।
जिला, ब्लॉक और बूथ स्तर पर चलेगा अभियान
कांग्रेस शहर व ग्रामीण अध्यक्ष ने बताया कि प्रदेश कांग्रेस कमेटी द्वारा जिला कांग्रेस अध्यक्षों, जिला प्रभारियों, ब्लॉक अध्यक्षों और बूथ लेवल एजेंटों के बीच समन्वय स्थापित कर अभियान को प्रभावी बनाने की योजना है। 25 अक्टूबर से 25 नवंबर तक गांवों में चौपालों, घर-घर संपर्क और संगठनात्मक बैठकों के माध्यम से मतदाता सूची की जांच की जाएगी। मतदाताओं की शिकायतें संकलित कर उनका सत्यापन किया जाएगा और पात्र नागरिकों को नाम जुड़वाने तथा प्रविष्टियों में सुधार कराने की निर्धारित प्रक्रिया की जानकारी दी जाएगी। इस दौरान कांग्रेस कार्यकर्ताओं को ‘वोट रक्षक के रूप में सक्रिय कर बूथ स्तर पर मतदाता सूची से संबंधित मामलों का रिकॉर्ड तैयार करने पर जोर दिया जाएगा।
