भोपाल: केंद्रीय माध्यमिक शिक्षा बोर्ड (सीबीएसई) के पिछले 3 साल के परीक्षा परिणामों में मध्य प्रदेश की तस्वीर दो अलग पहलुओं के साथ सामने आई है.10 वीं में मप्र क्षेत्र का प्रदर्शन सुधरने के बाद कुछ नीचे आया है, लेकिन 12 वीं में यह लगातार राष्ट्रीय औसत से पीछे बना हुआ है.वर्ष 2026 में राष्ट्रीय स्तर पर 12 वीं का पास प्रतिशत 85.20 रहा लेकिन मप्र में यह प्रतिशत घटकर 79.43 प्रतिशत पर आ गया. इस तरह मप्र का परिणाम राष्ट्रीय औसत से 5.77 अंक कम रहा.हालांकि वर्ष 2026 में मप्र माध्यमिक शिक्षा मंडल के 12 वीं का रिजल्ट 76.01 प्रतिशत रहा. इसके मुकाबले मप्र के सीबीएसई बोर्ड का रिजल्ट बेहतर रहा.
-12 वीं में मप्र 3 साल से राष्ट्रीय औसत से पीछे
वर्ष 2024 में राष्ट्रीय पास प्रतिशत 87.98 था, जबकि मप्र का परिणाम 82.46 प्रतिशत रहा.वहीं वर्ष 2025 में राष्ट्रीय परिणाम बढ़कर 88.39 प्रतिशत पहुंचा, लेकिन भोपाल क्षेत्र का प्रतिशत 82.46 ही रहा.जबकि वर्ष 2026 में राष्ट्रीय पास प्रतिशत घटकर 85.20 प्रतिशत रह गया, लेकिन मप्र का परिणाम और अधिक गिरकर 79.43 प्रतिशत पर आ गया.तीन साल के आंकड़े बताते हैं कि भोपाल क्षेत्र बारहवीं में राष्ट्रीय औसत से लगातार पीछे रहा है.वहीं वर्ष 2026 में 22 क्षेत्रों की सूची में इसे 19वां स्थान मिला.
-मप्र में छात्रों से आगे हैं छात्राएं
वर्ष 2024 में राष्ट्रीय स्तर पर छात्राओं का पास प्रतिशत 91.52 और छात्रों का 85.12 प्रतिशत था.वर्ष 2026 में छात्राओं का प्रतिशत 88.39 और छात्रों का 82.74 रहा.यानी 2026 में छात्राएं 5.65 अंक आगे रहीं.वहीं मप्र में भी छात्राओं का पास प्रतिशत 82.19 और छात्रों का 76.87 रहा.दोनों के बीच 5.32 अंक का अंतर रहा.
