विशाखापट्टनम / भुवनेश्वर, बंगाल की खाड़ी के ऊपर उठा चक्रवाती तूफान ‘अर्नब’ तेजी से पूर्वी तट की ओर बढ़ रहा है। भारतीय मौसम विज्ञान विभाग (IMD) के अनुसार, यह प्रणाली 27 अक्टूबर की सुबह तक एक बेहद गंभीर चक्रवाती तूफान में तब्दील हो जाएगी और 28 अक्टूबर की दोपहर तक 115 से 125 किलोमीटर प्रति घंटे की गति से बापटला और विशाखापट्टनम के बीच आंध्र प्रदेश तथा यानम तट को पार करेगी। इस दौरान हवा की रफ्तार बढ़कर 140 किलोमीटर प्रति घंटे तक पहुंचने की आशंका जताई गई है। तूफान के खतरे को देखते हुए आंध्र प्रदेश, ओडिशा और पश्चिम बंगाल के तटीय जिलों में हाई अलर्ट जारी कर दिया गया है।
ओडिशा सरकार ने 5 जिलों में स्कूल-कॉलेज बंद करने का दिया आदेश, एनडीआरएफ और ओडराफ की दर्जनों टीमें तैनात
चक्रवात के प्रभाव से तटीय क्षेत्रों में तबाही की आशंका को देखते हुए ओडिशा के मुख्यमंत्री मोहन चरण माझी ने प्रशासनिक अधिकारियों की छुट्टियां रद्द कर दी हैं और संवेदनशील इलाकों से लोगों को तुरंत सुरक्षित स्थानों पर स्थानांतरित करने के निर्देश दिए हैं। राज्य के पांच सबसे संवेदनशील जिलों—गंजम, गजपति, रायगड़ा, कोरापुट और मलकानगिरी में 28 और 29 अक्टूबर को सभी शैक्षणिक संस्थानों व आंगनवाड़ी केंद्रों को बंद कर दिया गया है। स्थिति से निपटने के लिए ओडराफ की 60 और एनडीआरएफ की 17 टीमों को विभिन्न तटीय इलाकों में तैनात किया गया है, वहीं 225 फायर सर्विस टीमों को भी अलर्ट मोड पर रखा गया है।
पश्चिम बंगाल और तटीय आंध्र में भारी बारिश की रेड वार्निंग जारी, मछुआरों को समुद्र में न जाने की सख्त सलाह
मौसम विभाग ने आंध्र प्रदेश के विशाखापट्टनम, काकीनाडा, श्रीकाकुलम और बापटला सहित कई जिलों के साथ-साथ पश्चिम बंगाल के दक्षिण 24 परगना, पूर्व व पश्चिम मेदिनीपुर और झाड़ग्राम में 28 से 30 अक्टूबर के दौरान मूसलाधार बारिश का अनुमान जताया है। समुद्र में उठने वाली ऊंची लहरों और आंधी-तूफान को देखते हुए मछुआरों को तटीय क्षेत्रों से दूर रहने तथा अगली सूचना तक समुद्र में न जाने की सख्त हिदायत दी गई है। आपदा प्रबंधन विभाग लगातार स्थिति पर निगरानी बनाए हुए है ताकि किसी भी आपातकालीन स्थिति से निपटा जा सके।

