
इंदौर. नशे की लत से जूझ रहे युवाओं को इससे बाहर निकालकर सामान्य जीवन की ओर लौटाने के लिए इंदौर पुलिस द्वारा ‘नई उम्मीद’ अभियान चलाया जा रहा है. इसके तहत आयोजित 29वें सत्र में 35 युवाओं की काउंसलिंग की गई. युवाओं ने नशे से दूर रहने और बेहतर जीवन की शुरुआत करने का संकल्प लिया.
पुलिस के जोन-3 के इस अभियान के तहत हीरानगर और बाणगंगा क्षेत्र के युवाओं से संवाद किया. अधिकारियों ने उनकी समस्याएं सुनीं और नशे की लत से बाहर निकलने के लिए समझाइश दी. पढ़ाई में रुचि दिखाने वाले युवाओं को शैक्षणिक सामग्री भी वितरित की. पुलिस उन्हें नियमित काउंसलिंग के जरिए सकारात्मक गतिविधियों से जोड़ने का प्रयास कर रही है. काउंसलिंग के दौरान सामने आया कि परिवार में नशे का माहौल, आर्थिक तंगी, गलत संगति और सामाजिक परिवेश का युवाओं पर नकारात्मक प्रभाव उन्हें नशे की ओर धकेल सकता है. पुलिस की ओर से नशे की लत छोड़ने के इच्छुक युवाओं को मनोरोग विशेषज्ञों के माध्यम से निशुल्क उपचार की सुविधा भी उपलब्ध कराई जा रही है, ताकि वे नशे से बाहर निकलकर समाज की मुख्यधारा में लौट सकें. एसीपी रुबीना मिजवानी ने बताया कि पुलिस का उद्देश्य केवल अपराधों पर कार्रवाई करना नहीं, बल्कि नशे की गिरफ्त में आए युवाओं को सही दिशा दिखाकर उन्हें सामान्य जीवन में वापस लाना भी है. ‘नई उम्मीद’ अभियान के माध्यम से युवाओं की काउंसलिंग की जा रही है और जरूरत के अनुसार उन्हें उपचार उपलब्ध कराने में मदद की जा रही है.
