जबलपुर: झारखंड के देवघर बाबा धाम की कांवड़ यात्रा के दौरान पहचान बढ़ाकर शातिर ठगों ने पश्चिम बंगाल के दो युवकों को अपने जाल में फंसाया। इसके बाद पुराने जमाने के सोने के सिक्के सस्ते दाम में देने का लालच देकर जबलपुर बुलाया और कुशनेर अंडर ब्रिज बायपास पर 2,10,000 नगद, मोबाइल और कपड़ों से भरा बैग लूटकर फरार हो गए। पनागर पुलिस ने शिकायत पर आरोपियों की तलाश शुरू कर दी है।
पुलिस से मिली जानकारी के अनुसार विश्वजीत भकत (36) निवासी पश्चिम बंगाल, अगस्त 2026 में अपने भाई रितेश के साथ बाबा धाम देवघर गए थे। वहां रुद्राक्ष बेचने वाली एक महिला से उनकी पहचान हुई और मोबाइल नंबर का आदान-प्रदान हुआ। सितंबर में महिला के कथित पति बंटी ने फोन कर पुराने सोने के सिक्के सस्ते में बेचने का लालच दिया। विश्वास जीतने के लिए उसने बुढ़ागर में एक असली सिक्का मुफ्त में दिया, जिसकी जांच सुनार से कराने पर वह 1.18 ग्राम का शुद्ध सोना निकला। इसके बाद बंटी ने 2,10,000 के बदले 50-60 सिक्के देने का सौदा तय किया। दोनों भाई 24 अक्टूबर 2026 को रकम लेकर जबलपुर पहुंचे। शाम को पनागर के कुशनेर अंडर ब्रिज पर बंटी अपने 2 साथियों के साथ मिला। पीड़ितों को सिक्के नकली होने का शक हुआ। जैसे ही उन्होंने तस्दीक के लिए पैसों का बैग खोला, आरोपी 2,10,000 नगद, एक रेडमी मोबाइल और कपड़ों का बैग छीनकर भाग गए।
