ग्रेप-1 लागू होने के बावजूद दिल्ली की हवा खराब, प्रदूषण पर ठोस कदम उठाने में विफल भाजपा सरकार- देवेंद्र

श्री यादव ने कहा कि दिल्ली के 42 वायु गुणवत्ता निगरानी केंद्रों में से 32 पर वायु गुणवत्ता सूचकांक (एक्यूआई) 200 के पार दर्ज किया गया। उन्होंने दावा किया कि दिल्ली का एक्यूआई 244 तक पहुंचना चिंता का विषय है। सरकार प्रदूषण नियंत्रण के बजाय एक नवंबर से फरवरी 2027 तक सरकारी और निजी कामकाज 50 प्रतिशत क्षमता पर चलाने का आदेश दे रही है। उन्होंने कहा कि वाहन उत्सर्जन, औद्योगिक प्रदूषण, सड़क की धूल और निर्माण गतिविधियां प्रदूषण के प्रमुख कारण हैं। सरकार को स्वच्छ ऊर्जा, औद्योगिक नियमन और प्रभावी नीतिगत बदलावों पर ध्यान देना चाहिए।

उन्होंने चेतावनी दी कि प्रदूषित हवा से सांस संबंधी बीमारियों, स्ट्रोक और अन्य गंभीर स्वास्थ्य समस्याओं का खतरा बढ़ता है।

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