‘इंडिया सेंटर’ नाम से इस केंद्र के उद्घाटन समारोह में वाणिज्य एवं उद्योग मंत्री पीयूष गोयल तथा जर्मनी की आर्थिक मामलों और ऊर्जा मंत्री कैथरीना रीचे ने भाग लिया। श्री गोयल इस समय जर्मनी और नीदरलैंड की आधिकारिक यात्रा पर हैं।
श्री गोयल ने कहा कि डीजीएपी में भारत के ऊपर स्थापित किया गया केंद्र भारत-जर्मनी के बढ़ते संबंधों और सहयोग को और गहरा करने की हमारी साझा प्रतिबद्धता को दर्शाता है।
वाणिज्य मंत्री ने कहा,”हमारी एक-दूसरे की पूरक ताकतें हमारे महत्वाकांक्षी आर्थिक लक्ष्यों को हासिल करने के लिए एक मजबूत आधार प्रदान करती हैं। साथ ही, यह केंद्र भारत-यूरोपीय संघ मुक्त व्यापार समझौता इस साझेदारी को और गति देने का काम करेगा।”
श्री गोयल ने इस बात पर भी जोर दिया कि भारत और जर्मनी के उद्योग मिलकर मजबूत वैश्विक मूल्य (विनिर्माण और उत्पादन) श्रृंखलाएं बना सकते हैं।
श्री गोयल इस अवसर पर दोनों देशों के व्यवसायों और निवेशकों से सहयोग के ऐसे रास्ते तलाशने का आग्रह किया, जो आपसी समृद्धि और विकास को और आगे बढ़ा सकें। डीजीएपी 1955 में बॉन शहर में शुरू हुआ था। वर्तमान में इसका मुख्य कार्यालय बर्लिन में है। यह एक स्वतंत्र, गैर-पक्षपातपूर्ण और गैर-लाभकारी संगठन होने का दावा करता है।
इसका उद्देश्य जर्मनी और यूरोपीय स्तर पर प्रभावी विदेश तथा सुरक्षा नीति को बढ़ावा देना, लोकतंत्र और शांति को प्रोत्साहित करना तथा अंतरराष्ट्रीय संबंधों की समझ को गहरा करना है।
यह संस्थान राजनीति, अर्थव्यवस्था, शिक्षा और मीडिया के क्षेत्र के विशेषज्ञों को मंच प्रदान करता है तथा नीति निर्माताओं को रणनीतिक सलाह देता है और सार्वजनिक बहस को बढ़ावा देता है।
