दिल्ली में ‘कॉकरोच जनता पार्टी’ के विरोध में सामने आई ‘लाल हिट जनता पार्टी’, अयान भटनागर ने दी खुली चुनौती

नई दिल्ली, देश की राजधानी दिल्ली में राजनीतिक विरोध प्रदर्शनों के बीच एक नया प्रेशर ग्रुप ‘लाल हिट जनता पार्टी’ (LHJP) अस्तित्व में आ गया है, जिसे मुख्य रूप से ‘कॉकरोच जनता पार्टी’ (CJP) के विरोध और उससे निपटने के लिए बनाया गया है। रविवार को दिल्ली के मालवीय स्मृति भवन में लाल हिट जनता पार्टी ने अपनी पहली सदस्यता बैठक आयोजित की। इस दौरान संगठन के संस्थापक अयान भटनागर और अन्य प्रवक्ताओं ने सीजेपी तथा कांग्रेस समर्थित प्रदर्शनकारियों पर जमकर निशाना साधा। उन्होंने आरोप लगाया कि इस तरह के प्रदर्शनों से देश के महत्वपूर्ण संवैधानिक संस्थानों की गरिमा पर आँच आ रही है और त्योहारी सीजन के दौरान व्यापारिक गतिविधियों को भारी नुकसान पहुंच रहा है।

त्योहारी सीजन में प्रदर्शनों से कारोबार को हो रहे नुकसान पर जताई चिंता, CEC के इस्तीफे की मांग को बताया पूरी तरह अनुचित

बैठक को संबोधित करते हुए एलएचजेपी प्रमुख अयान भटनागर ने कहा कि दशहरा से दिवाली तक का समय व्यापारियों के लिए साल का सबसे महत्वपूर्ण पीक बिजनेस सीजन होता है, ऐसे में कनॉट प्लेस और राजधानी के अन्य व्यावसायिक केंद्रों में रुकावट या व्यवधान किसी भी सूरत में बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। उन्होंने मुख्य चुनाव आयुक्त (CEC) ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे की मांग और निर्वाचन आयोग को जांच के दायरे में लाने के प्रयासों की कड़ी आलोचना की। भटनागर का तर्क था कि इस प्रकार के विरोध प्रदर्शनों से लोकतांत्रिक संस्थाओं और संवैधानिक पदों पर जनता के अटूट भरोसे को कमजोर करने की साजिश रची जा रही है।

प्रजातंत्र की रक्षा और फैक्ट्स आधारित आकलन पर जोर, विपक्षी दलों पर राजनीतिक लाभ के लिए माहौल खराब करने का लगाया आरोप

अयान भटनागर ने वर्ष 2023 में अपनाई गई मुख्य चुनाव आयुक्त की नियुक्ति प्रक्रिया का जिक्र करते हुए कहा कि इसमें विपक्ष के नेता को भी शामिल किया गया था, इसलिए वर्तमान सीईसी के खिलाफ इस तरह के बेबुनियाद आरोप लगाना गलत है। उन्होंने दावा किया कि कॉकरोच जनता पार्टी को कुछ विपक्षी दलों और छात्र संगठनों का प्रत्यक्ष समर्थन प्राप्त है, जिनका मुख्य उद्देश्य चुनी हुई सरकार को अस्थिर करना है। अंत में उन्होंने स्पष्ट किया कि लाल हिट जनता पार्टी का मुख्य उद्देश्य देश में प्रजातंत्र की रक्षा करना और समाज में कानून-व्यवस्था तथा आर्थिक गतिविधियों को सुचारू रूप से बनाए रखना है।

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