चुनरी थामे भक्तों पर आसमान से पुष्पवर्षा

सीहोर। कहीं हाथों में मां की चुनरी, कहीं लहराते ध्वज तो कहीं भक्ति में झूमते श्रद्धालु. ऊपर से हेलीकॉप्टर के जरिए बरसते फूल और सड़क के दोनों ओर स्वागत को उमड़े लोग. गुरुवार को निकली चुनरी यात्रा ने शहर को भक्ति और उत्सव के रंग में रंग दिया. करौली वाली माता मंदिर से शुरू हुई यात्रा में 10 हजार से अधिक श्रद्धालु शामिल हुए. मां जगदंबा को 151 मीटर लंबी चुनरी अर्पित करने निकले भक्तों का 50 से अधिक स्थानों पर स्वागत हुआ. कलशधारी बालिकाओं, देवी स्वरूपों की झांकियों और गरबा प्रस्तुतियों ने आयोजन को खास बना दिया.

गुरुवार को शहर में निकली चुनरी यात्रा में भक्ति, उत्साह और लोक संस्कृति का अनूठा संगम देखने को मिला. प्रसिद्ध करौली वाली माता मंदिर से शुरू हुई यात्रा में 10 हजार से अधिक श्रद्धालु शामिल हुए. पांच किलोमीटर की यात्रा में 151 मीटर लंबी चुनरी थामे महिलाएं चल रही थीं. इस दौरान चुनरी यात्रा पर हेलीकॉप्टर से पुष्पवर्षा की गई, वहीं मार्ग में 50 से अधिक स्थानों पर स्वागत मंच बनाकर श्रद्धालुओं का अभिनंदन किया गया. सुबह से ही करौली वाली माता मंदिर परिसर में श्रद्धालुओं की भीड़ जुटने लगी थी. विधि विधान से पूजा-अर्चना और आरती के बाद यात्रा रवाना हुई. महिलाओं ने 151 मीटर लंबी चुनरी को हाथों में थामकर आगे बढऩा शुरू किया. चुनरी की लंबाई के कारण श्रद्धालुओं की लंबी कतार बन गई. महिलाएं, युवा और अन्य भक्त माता रानी के जयकारे लगाते हुए चुनरी यात्रा में शामिल हुए.

यात्रा में सबसे आगे सिर पर कलश धारण किए बालिकाएं चल रही थीं. उनके पीछे गाजे-बाजे के साथ भजन गाते श्रद्धालु और हाथों में ध्वज लिए युवाओं की टोलियां थीं. सुसज्जित रथ पर मां लक्ष्मी, मां दुर्गा और मां कालिका के स्वरूप में सजी कन्याओं ने लोगों का ध्यान खींचा. भक्ति गीतों पर डांडिया करते श्रद्धालुओं ने माहौल को उत्सवमय बना दिया.

यात्रा में 300 से अधिक दुर्गावाहिनी की बालिकाओं ने भाग लिया. उनके साथ सात से अधिक गरबा टीमों ने पारंपरिक नृत्य प्रस्तुत किए. राजस्थान, गुजरात और महाराष्ट्र सहित विभिन्न प्रदेशों की वेशभूषा में सजी युवतियों की प्रस्तुतियों ने आयोजन में सांस्कृतिक रंग भर दिए. झांकियों, अखाड़ों और कलाकारों की प्रस्तुतियों ने भी दर्शकों को आकर्षित किया.

यात्रा मार्ग पर विभिन्न सामाजिक, धार्मिक व राजनीतिक संगठनों, जनप्रतिनिधियों और श्रद्धालुओं ने 50 से अधिक स्थानों पर स्वागत मंच बनाए थे. यहां पुष्पवर्षा कर भक्तों का स्वागत किया गया. हेलीकॉप्टर से बरसते फूलों और 151 मीटर लंबी चुनरी थामे आगे बढ़ते श्रद्धालुओं का दृश्य आयोजन का प्रमुख आकर्षण रहा. विभिन्न स्थानों पर आयोजन समिति का सम्मान भी किया गया. गौरतलब है कि गंज स्थित करौली वाली माता मंदिर से निकलने वाली चुनरी यात्रा पिछले 14 वर्षों से लगातार आयोजित की जा रही है. इस वर्ष भी बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं की भागीदारी ने आयोजन को व्यापक स्वरूप दिया. नगर पालिका अध्यक्ष एवं हिंद रक्षक युवा समिति के संरक्षक प्रिंस राठौर ने कहा कि यात्रा का उद्देश्य मां जगदंबा के प्रति आस्था प्रकट करने के साथ युवा पीढ़ी को संस्कृति और संस्कारों से जोडऩा है. उन्होंने 151 मीटर लंबी चुनरी को मां के प्रति भक्तों की श्रद्धा और समर्पण का प्रतीक बताया.

 

 

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