सतना : शारदेय नवरात्र के अवसर पर एक ओर जहां बंदियों द्वारा निर्मित मां दुर्गा की प्रतिमा जेल परिसर में विराजमान है वहीं दूसरी ओर नियमित रुप से भजन-कीर्तन और पूजन-आरती के आयोजन के चलते समूचा प्रांगण मां की भक्ति में सराबोर दिखाई दे रहा है. इसी कड़ी में माता की श्रद्धा-भक्ति में लीन बंदियों द्वारा गाए जा रहे भजन और भेंट को जब न्यायाधीशों ने सुना तो वे भी मुग्ध हो गए.
गुरुवार को श्रीमती गीता सोलंकी प्रधान जिला न्यायाधीश/अध्यक्ष जिला विधिक सेवा प्राधिकरण, प्रवीण कुमार सोंधिया मुख्य न्यायिक मजिस्ट्र्रेट और श्रीमती रुपाली सिंह उइके सचिव जिला विधिक सेवा प्राधिकरण द्वारा केंद्रीय जेल का निरीक्षण किया गया. परिसर में स्थित पाकशाला सहित जेल का निरीक्षण करने के पश्चात न्यायाधीश सेक्टर क्र. 6 में विराजी मां दुर्गा की दर्शन करने के लिए पहुंचे. जहां पर श्रद्धा भक्ति में लीन बंदी माता के भजन और भेंट गा रहे थे.
बंदियों द्वारा गाएग जा रहे भजन और भेंट को सुनकर न्यायाधीशों का हृदय भी भक्ति भाव और प्रसन्नता से भर गया. इस दौरान न्यायाधीशों द्वारा न सिर्फ जेल की संपूर्ण व्यवस्था पर संतोष व्यक्ति किया गया बल्कि उन्होंने बंदियों की श्रद्धा भक्ति मुक्त कंठ से प्रसंशा भी की. न्यायाधीशों के निरीक्षण के दौरान जेल अधीक्षक श्रीमती लीना कोष्टा, उप जेल अधीक्षक श्रीकांत त्रिपाठी, कल्याण अधिकारी अनिरुद्ध कुमार तिवारी व सहायक जेल अधीक्षक/अष्टकोण अधिकारी अनिल प्रताप सिंह सहित जेल स्टॉफ-बंदी उपस्थित रहे.
महापौर ने की मां की आरती
जेल प्रांगण में विराजी मां दुर्गा की प्रतिमा और बह रही श्रद्धा भक्ति की रस गंगा के बीच गुरुवार को महापौर योगेश कुमार ताम्रकार भी वहां पहुंचे. महापौर श्री ताम्रकार ने माता की संध्या आरती भी की. इस अवसर पर महापौर भी मां की प्रतिमा, झांकी और बंदियों की भक्ति और अनुशासन की प्रशंसा किए बिना नहीं रह सके
