नयी दिल्ली, 15 अक्टूबर (वार्ता) नागरिक उड्डयन मंत्री किंजरापु राम मोहन नायडू ने गुरुवार को कहा कि एयर इंडिया के विमान से अहमदाबाद एटीसी को फॉल्स हाइजैक सिग्नल मिलाने के मामले की जांच चल रही है और उसकी रिपोर्ट आने के बाद ही इस संबंध में कोई सुधारात्मक निर्देश जारी किया जाएगा।
श्री नायडू ने यहां सार्वजनिक हेलीकॉप्टर सेवा कंपनी पवन हंस के 42वें स्थापना दिवस समारोह से इतर मीडिया से बात करते हुए कहा, “सबसे पहले यह पता लगाना आवश्यक है कि वास्तव में क्या हुआ था। जब हमें पूरी जानकारी मिल जाएगी, तभी हम तय कर पाएंगे कि किन बदलावों की आवश्यकता है। इसलिए हम डीजीसीए (नागर विमानन महानिदेशालय) की अंतिम रिपोर्ट आने तक प्रतीक्षा करेंगे।”
विमान ईंधन (एटीएफ) की ऊंची कीमत के बावजूद सरकार द्वारा पूर्व में घोषित मूल्य स्थिरीकरण योजना में किसी भी एयरलाइंस के शामिल नहीं होने के बारे में पूछे गए सवाल पर श्री नायडू ने कहा कि मंत्रालय इस संबंध में एयरलाइंस के साथ बातचीत कर रहा है। उन्होंने कहा, “हम चाहते हैं कि हवाई किराये उचित और आम लोगों की पहुंच में रहें। लेकिन एटीएफ की कीमतों में अस्थिरता के कारण यह निश्चित रूप से एक चुनौतीपूर्ण काम है। इसके लिए हमें तेल विपणन कंपनियों के सहयोग की भी आवश्यकता है। एयरलाइंस को भी एक ठोस योजना के साथ आगे आना होगा।”
उन्होंने कहा कि सरकार चाहती है कि पवन हंस सिर्फ हेलीकॉप्टर सेवा तक सीमित ना रहे। वह सी-प्लेन सेवा और ईवीटोल सेवा में भी कदम रखे जिसमें वर्टिकल लैंडिंग और टेकऑफ में सक्षम इलेक्ट्रिकल विमान का उपयोग किया जाता है।
उन्होंने कहा, “सी-प्लेन के संचालन में भी बड़ी संभावनाएं हैं। पवन हंस वर्ष 2010 में ही सी-प्लेन संचालन के क्षेत्र में शुरुआती कंपनियों में शामिल था। हम चाहते हैं कि पवन हंस इस क्षेत्र में दोबारा सक्रिय हो।”
उन्होंने इसमें सरकार की तरफ से पवन हंस को सहयोग का पूरा भरोसा दिलाया।