नीमच: जिला मंदसौर माउंटेनियरिंग एंड स्पोर्ट्स क्लाइंबिंग संगठन के नेतृत्व में नीमच स्थित सीआरपीएफ जंगल कैंप, सांभर कुंड में एक दिवसीय जंगल कैंप का आयोजन उत्साह, रोमांच और साहसिक गतिविधियों के साथ किया गया। शिविर में स्प्रिंगवुड विद्यालय, नीमच के एनसीसी कैडेट्स एवं स्काउट-गाइड के लगभग 80 छात्र-छात्राओं ने भाग लेकर प्रकृति के बीच रहकर आत्मनिर्भरता, टीम भावना, अनुशासन और जीवनोपयोगी कौशल का अनुभव प्राप्त किया।
जंगल कैंप का मुख्य आकर्षण बिना बर्तनों के व्यंजन बनाने की प्रतियोगिता रही। प्रतियोगिता के लिए पांच दल बनाए गए, जिनमें प्रत्येक दल में 14 प्रतिभागियों ने उत्साहपूर्वक भाग लिया। विद्यार्थियों ने उपलब्ध संसाधनों का उपयोग करते हुए अपनी रचनात्मकता, सूझबूझ और सामूहिक प्रयासों से विभिन्न प्रकार के व्यंजन तैयार किए। सीमित संसाधनों के बीच भोजन तैयार करने की इस गतिविधि ने विद्यार्थियों को विपरीत परिस्थितियों में समाधान खोजने, संसाधनों का सदुपयोग करने और मिल-जुलकर कार्य करने की सीख दी।
अतिथियों ने किया दलों का निरीक्षण, चखे व्यंजन
कार्यक्रम में मुख्य अतिथि नीमच शहर तहसीलदार मृगेंद्र सिसोदिया रहे। विशेष अतिथि के रूप में डॉ. हिना हरित, प्रोफेसर, श्रीराम जाजू कॉलेज, नीमच उपस्थित रहीं। इनके साथ मंदसौर माउंटेनियरिंग संगठन के सचिव एवं ट्रूप कमांडर कैप्टन जितेंद्र कनौजिया, स्प्रिंगवुड विद्यालय के उपप्राचार्य डॉ. निवेदिता चतुर्वेदी तथा 5 मध्य प्रदेश बटालियन एनसीसी, मंदसौर से हवलदार खंडू बुरे भी उपस्थित रहे।
मुख्य अतिथि एवं अन्य अतिथियों ने प्रतियोगिता में भाग लेने वाले दलों का निरीक्षण किया। उन्होंने विद्यार्थियों द्वारा तैयार किए गए व्यंजनों का स्वाद लिया तथा व्यंजन बनाने की विधि, उपयोग किए गए संसाधनों और दलों की कार्यप्रणाली के बारे में जानकारी प्राप्त की। विद्यार्थियों के उत्साह, रचनात्मकता और सामूहिक प्रयासों की अतिथियों ने सराहना की।
प्रतियोगिता के परिणाम घोषित होने के पश्चात प्रथम, द्वितीय एवं तृतीय स्थान प्राप्त करने वाले दलों को क्रमश: गोल्ड, सिल्वर एवं ब्रॉन्ज मेडल पहनाकर सम्मानित किया गया। इसके साथ ही विभिन्न गतिविधियों में उत्कृष्ट कार्य करने वाले कैडेट्स को भी प्रमाण पत्र प्रदान कर प्रोत्साहित किया गया।
लक्ष्य निर्धारण, अनुशासन और आत्मविश्वास ही सफलता की कुंजी : तहसीलदार
मुख्य अतिथि तहसीलदार मृगेंद्र सिसोदिया ने विद्यार्थियों को संबोधित करते हुए कहा कि जीवन में कोई भी कार्य छोटा या बड़ा नहीं होता। यदि व्यक्ति अपने लक्ष्य को निर्धारित कर पूरी लगन, मेहनत और निरंतर प्रयास के साथ आगे बढ़ता है, तो वह निश्चित रूप से अपनी मंजिल हासिल कर सकता है।
उन्होंने कहा कि विद्यार्थियों ने जिस उत्साह और आत्मविश्वास के साथ इस प्रतियोगिता में भाग लेकर अपने स्तर पर बेहतरीन व्यंजन तैयार किए, उसी प्रकार उन्हें जीवन में भी अपने लक्ष्य निर्धारित कर उन्हें प्राप्त करने के लिए निरंतर प्रयास करना चाहिए। एनसीसी और स्काउट-गाइड जैसी गतिविधियां विद्यार्थियों में अनुशासन, नेतृत्व क्षमता, आत्मनिर्भरता, सहयोग की भावना तथा कठिन परिस्थितियों में जीवन जीने की कला विकसित करती हैं। ऐसे शिविर विद्यार्थियों को किताबी ज्ञान के साथ व्यावहारिक अनुभव भी प्रदान करते हैं, जो उनके व्यक्तित्व निर्माण में महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है।
एनसीसी एवं स्काउट-गाइड अधिकारियों के नेतृत्व में हुआ आयोजन
यह जंगल कैंप स्प्रिंगवुड विद्यालय के लेफ्टिनेंट कुलदीप सिंह चंद्रावत, एनसीसी अधिकारी, एवं स्काउट-गाइड कैप्टन श्रीमती सुनीता चौधरी, केयर टेकर ऑफिसर पूजा सालवी, के नेतृत्व में आयोजित किया गया। कार्यक्रम के लीडर लेफ्टिनेंट कुलदीप सिंह चंद्रावत रहे। उनके मार्गदर्शन में विद्यार्थियों ने पूरे उत्साह, अनुशासन और जिम्मेदारी के साथ विभिन्न गतिविधियों में भाग लिया।
जंगल कैंप का उद्देश्य विद्यार्थियों को प्रकृति के करीब लाने के साथ-साथ उनमें साहसिक गतिविधियों के प्रति रुचि विकसित करना, समूह में कार्य करने की क्षमता बढ़ाना तथा आपसी सहयोग, नेतृत्व और आत्मनिर्भरता के गुणों को मजबूत करना रहा।
सफल आयोजन पर दी बधाई
शिविर के सफल आयोजन पर स्प्रिंगवुड विद्यालय की डायरेक्टर डॉ चारुलता चौबे तथा मंदसौर माउंटेनियरिंग संगठन के संरक्षक डॉ. क्षितिज पुरोहित, कुलदीप सिंह सिसोदिया, कार्यकारी अध्यक्ष डॉ. विजय सिंह पुरावत, कार्यकारी उपाध्यक्ष सचिन जैन एवं विश्व मोहन अग्रवाल, राकेश श्रीवास्तव, सहसचिव जेनिश बर्दिया और कोषाध्यक्ष धीरज शुक्ला सहित संगठन के पदाधिकारियों ने आयोजकों एवं प्रतिभागी विद्यार्थियों को बधाई दी। उन्होंने विद्यार्थियों के उज्ज्वल भविष्य की कामना करते हुए कहा कि इस प्रकार के साहसिक एवं अनुभवात्मक शिविर युवाओं में आत्मविश्वास, अनुशासन और नेतृत्व क्षमता विकसित करने में महत्वपूर्ण योगदान देते हैं।
प्रकृति की गोद में आयोजित यह एक दिवसीय जंगल कैंप विद्यार्थियों के लिए सीखने, अपने कौशल को परखने और टीम भावना के साथ आगे बढऩे का यादगार अनुभव बना।
