नशे के खिलाफ जंग में फॉरेंसिक साइंस के विद्यार्थियों की भूमिका बताई

इंदौर:नशे की बढ़ती प्रवृत्ति और उसके दुष्परिणामों से समाज को बचाने के लिए जागरूकता के साथ वैज्ञानिक जांच और नशामुक्ति के प्रयास भी जरूरी हैं. इसी उद्देश्य से नारकोटिक्स विंग, इंदौर और सामाजिक न्याय विभाग के संयुक्त प्रयास से होलकर साइंस कॉलेज में बीएससी फॉरेंसिक साइंस के अंतिम वर्ष के विद्यार्थियों के लिए जागरूकता कार्यक्रम आयोजित किया गया. इसमें विद्यार्थियों को नशे के दुष्प्रभाव, कानूनी प्रावधानों और नशामुक्ति के उपचार विकल्पों की जानकारी दी गई.

14 अक्टूबर को आयोजित यह कार्यक्रम विद्यार्थियों की इंटर्नशिप के अंतर्गत हुआ. इसमें सामाजिक न्याय विभाग, मध्य प्रदेश शासन के स्टेट मास्टर ट्रेनर रजत नागदा और नारकोटिक्स विंग, मध्य प्रदेश पुलिस के उप निरीक्षक अजय शर्मा ने मुख्य वक्ता के रूप में विद्यार्थियों को संबोधित किया. दोनों वक्ताओं ने वर्तमान समय में बढ़ती नशे की प्रवृत्ति, इसके शारीरिक, मानसिक और सामाजिक दुष्प्रभावों तथा इससे जुड़े कानूनी पहलुओं पर विस्तार से जानकारी दी.

साथ ही नशे की लत से छुटकारा पाने के लिए उपलब्ध उपचार विकल्पों के बारे में भी बताया. कार्यक्रम में सामाजिक न्याय विभाग, नारकोटिक्स विंग और गैर सरकारी संगठनों (एनजीओ) की ओर से नशे के विरुद्ध किए जा रहे प्रयासों की जानकारी दी गई. वक्ताओं ने नशामुक्त समाज के निर्माण में फॉरेंसिक साइंस के विशेषज्ञों की भूमिका को भी महत्वपूर्ण बताया. कार्यक्रम में इंटर्नशिप कर रहे 21 विद्यार्थी उपस्थित रहे.

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