
सुप्रीम कोर्ट ने मद्रास हाईकोर्ट के फैसले को बरकरार रखते हुए स्पष्ट किया है कि हिंदू धर्म छोड़कर इस्लाम अपनाने वाले व्यक्ति को स्वतः पिछड़ा वर्ग (मुस्लिम) आरक्षण का लाभ नहीं मिलेगा। अदालत ने तमिलनाडु सरकार के उस आदेश को रद्द कर दिया था, जिसमें धर्मांतरित लोगों को आरक्षण देने का प्रावधान था।
