ग्वालियर: श्री अग्रवाल महासभा, ग्वालियर के तत्वावधान में अग्रसेन जयंती महोत्सव 2026 के अंतर्गत दो दिवसीय भव्य अग्रसेन मेला आज गुरुवार को एन 11 रिसोर्ट डबरा मार्ग पर शुरू हुआ। मेले को लेकर समाजबंधुओं में खासा उत्साह है। 15 एवं 16 अक्टूबर को आयोजित होने वाले इस मेले में धार्मिक आस्था, मनोरंजन, रचनात्मकता और सांस्कृतिक कार्यक्रमों का अनूठा संगम देखने को मिल रहा है। मेले में कैला माता का दरबार, खाटू श्याम जी का दरबार तथा भगवान श्री अग्रसेन महाराज का भव्य दरबार विशेष आकर्षण का केंद्र है। आज गुरुवार को दोपहर ढाई बजे विधिवत पूजा अर्चना के साथ मेला का विधिवत शुभारंभ होगा।
तत्पश्चात सायं 7 बजे मुख्य अतिथि न्यायमूर्ति उच्च न्यायालय राजेश गुप्ता, विशेष अतिथि महापौर शोभा सिकरवार और सांसद भारत सिंह कुशवाहा होंगे।अगले दिन 16 अक्टूबर शुक्रवार को पुरस्कार वितरण एवं सम्मान समारोह के मुख्य अतिथि विधानसभा अध्यक्ष नरेंद्र सिंह तोमर एवं विशेष अतिथि भाजपा के राष्ट्रीय मीडिया संयोजक आशीष अग्रवाल मौजूद रहेंगे।
श्री अग्रवाल महासभा के अध्यक्ष सुरेश बंसल, महामंत्री रवि कुमार गर्ग एवं कोषाध्यक्ष जेसी गोयल के मार्गदर्शन में मेले की तैयारियों को अंतिम रूप दिया जा रहा है। आयोजन को भव्य एवं व्यवस्थित बनाने के लिए मेला समन्वयकों और कार्यक्रम संयोजकों को विभिन्न जिम्मेदारियां सौंपी गई हैं।
पहले दिन रोचक प्रतियोगिताएं
मेला आयोजन के पहले दिन आज महिलाओं, युवतियों और बच्चों के लिए कई आकर्षक प्रतियोगिताओं का आयोजन किया जाएगा। दोपहर 2:30 बजे से ‘श्रीजी अग्र कुकिंग क्वीन’ लाइव कुकिंग प्रतियोगिता आयोजित होगी, जिसमें महिलाएं एवं युवतियां टीवी शो मास्टरशेफ की तर्ज पर अपनी पाक कला का प्रदर्शन करेंगी।
दोपहर 3 बजे से ‘चल सखी, इंस्टा पर रील बनाएं’ प्रतियोगिता होगी। इसमें महिलाएं एवं युवतियां दो से तीन प्रतिभागियों के समूह में भाग लेकर एक से दो मिनट की रचनात्मक प्रस्तुति देंगी। बच्चों के लिए ‘बच्चों की डांस धमाल’ प्रतियोगिता आयोजित की जाएगी, जिसमें 6 से 12 वर्ष तक के बच्चे अपनी नृत्य प्रतिभा का प्रदर्शन करेंगे। प्रतिभागियों को अपनी प्रस्तुति की सामग्री पेन ड्राइव में स्वयं लानी होगी।
वहीं, शाम 4 बजे से ‘फूल बनाओ, गुलदस्ता सजाओ’ प्रतियोगिता आयोजित होगी। इसमें 12 से 18 वर्ष तक के बालक-बालिकाएं कृत्रिम वस्तुओं का उपयोग कर अपनी कलात्मक प्रतिभा दिखा सकेंगे। प्राकृतिक फूलों के स्थान पर अन्य कृत्रिम सामग्री से फूल एवं गुलदस्ते तैयार किए जा सकेंगे।
