यरूशलम, 14 अक्टूबर (वार्ता) इजरायल के प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू ने एक बातचीत में पुष्टि की है कि 7 अक्टूबर 2023 के आतंकी हमलों से कुछ दिन पहले मिस्र के तत्कालीन खुफिया प्रमुख अब्बास कामेल इजरायल आए थे लेकिन उन्होंने उनसे मिलने से इनकार किया था।
श्री नेतन्याहू ने मंगलवार को सरकार समर्थक चैनल 14 के कार्यक्रम ‘द पैट्रियट्स’ में कहा कि श्री कामेल उनसे नहीं मिले थे क्योंकि उस समय वे इज़राइली सैनिकों के लिए एक श्रद्धांजलि समारोह में शामिल हो रहे थे। श्री नेतन्याहू ने कहा, “वे मुझसे नहीं मिले, उन्होंने मुझसे बात नहीं की। खुफिया प्रमुख किसी देश के प्रमुख से कब मिलते हैं?”
गौरतलब है कि श्री नेतन्याहू ने 2021 में यरूशलम में अपने आधिकारिक आवास पर श्री कामेल की मेज़बानी की थी। श्री नेतन्याहू ने कहा कि उन्हें नहीं पता कि मिस्र के खुफिया प्रमुख अपनी यात्रा के दौरान किससे मिले थे। उन्होंने दावा किया कि श्री कामेल लगभग 50 मिनट तक इज़राइल में थे। उन्होंने कहा, “मिस्र के खुफिया प्रमुख यहां थे। उन्होंने यहां लगभग 50 मिनट बिताए। मैं जानना चाहता हूं कि वे किससे मिले।”
खबरों के अनुसार श्री कामेल ने इज़राइली अधिकारियों को चेतावनी दी थी कि अगर इज़राइल कैदियों की रिहाई और आर्थिक रियायतों से जुड़े समझौते पर सहमत नहीं होता है, तो हमास एक बड़े हमले की तैयारी कर रहा है। नेतन्याहू के कार्यालय ने इस बात से इनकार किया था कि मिस्र ने पहले से कोई चेतावनी दी थी। कार्यालय का कहना था कि मौजूदा सरकार के गठन के बाद से प्रधानमंत्री न तो श्री कामेल से मिले हैं और न ही उनसे बात की है।
श्री नेतन्याहू के अनुसार खुफिया और सैन्य अधिकारियों का मानना था कि हमास कोई ड्रिल कर रहा है या किसी सीमित ऑपरेशन की तैयारी कर रहा है। उन्होंने कहा कि उन्होंने हमास के लोगों को अपने फ़ोन में इज़राइली सिम कार्ड डालते और वरिष्ठ कमांडरों को ज़मीन के नीचे जाते देखा था लेकिन उन्हें यकीन था कि इस गतिविधि से किसी बड़े हमले का संकेत नहीं मिलता।
उन्होंने कहा, “वे इस सोच में उलझे हुए थे कि यह कोई ड्रिल है या कोई छोटी-मोटी बात है।”
श्री नेतन्याहू ने दावा किया कि अगर उन्हें अलर्ट किया गया होता, तो वे तुरंत सुरक्षा उपाय करने का आदेश देते, जिसमें वायु सेना को अलर्ट पर रखना और नोवा संगीत महोत्सव को रद्द करना शामिल होता।
उन्होंने कहा, “अगर उन्होंने मुझे जगाया होता, तो उन्हें पता था कि मैं सबको जगा देता, नोवा महोत्सव रद्द कर देता और वायु सेना को अलर्ट पर रख देता।” उन्होंने कहा कि सुरक्षा अधिकारियों को डर था कि उन्हें जगाने से अनजाने में तनाव बढ़ सकता है।
श्री नेतन्याहू ने सुरक्षा प्रमुखों की सोच के बारे में बताते हुए कहा, “अगर हम प्रधानमंत्री को जगाते हैं, तो वे अनजाने में ही हमास से हम पर हमला करवा बैठेंगे।”
