नयी दिल्ली 12 अक्टूबर (वार्ता) मध्य प्रदेश के सीहोर जिले की बुधनी विधानसभा के कोसमी ग्राम में आदिवासी परिवारों के मकान तोड़े जाने और खेतों में खड़ी मक्का की फसल नष्ट किए जाने के मामले पर आदिवासी कांग्रेस के अध्यक्ष डॉ. विक्रांत भूरिया ने सरकार को घेरा है। उन्होंने इसे आदिवासी परिवारों के अधिकारों और आजीविका पर गंभीर हमला बताते हुए प्रभावित लोगों को तत्काल न्याय और राहत देने की मांग की।
डॉ. भूरिया ने कहा कि केंद्रीय कृषि मंत्री शिवराज सिंह चौहान के संसदीय क्षेत्र में आदिवासी परिवारों के आशियाने उजड़ना और उनकी फसल नष्ट होना प्रशासनिक कार्रवाई पर गंभीर सवाल खड़े करता है। कोसमी गांव में वन विभाग और प्रशासन की कार्रवाई के दौरान बरेला आदिवासी समुदाय के परिवार प्रभावित हुए हैं। उन्होंने कहा कि घर और फसल आदिवासी परिवारों के जीवन तथा भविष्य का आधार हैं। किसी भी कार्रवाई में कानून के पालन के साथ मानवीय संवेदनशीलता और अधिकारों का सम्मान जरूरी है।
डॉ. भूरिया ने मामले की निष्पक्ष जांच, जिम्मेदार अधिकारियों की जवाबदेही तय करने और प्रभावित परिवारों के पुनर्वास, आवास और आजीविका के नुकसान की भरपाई की मांग की। उन्होंने कहा कि आदिवासी परिवारों को आश्वासन नहीं, वास्तविक न्याय मिलना चाहिए।

