इंदौर: शहर में जलसंकट आहट होना शुरू हो गई है. शहर के कई इलाकों में नगर निगम टैंकर से पानी बांट रहा है. आम तौर पर निगम मार्च के बाद टैंकरों से जल वितरण शुरू करता है, लेकिन इस बार 50 प्रतिशत निजी टैंकर बंद नहीं हुए हैं. स्थिति यह है कि निगम को अभी से ही रोज 5 से 10 टैंकर की मांग आना शुरू हो गई है.शहर में आने वाले कुछ दिनों बाद जलसंकट की समस्या बहुत ज्यादा बढ़ने की संभावना है. इसका अंदाजा इसी से लगाया जा सकता है कि निगम के पास रोजाना अभी से ही विभिन्न क्षेत्रों के लिए पार्षद और झोनल कार्यालयों से 5 से 10 टैंकरों मांग आना शुरू हो गई है. दो दिन पहले ही वार्ड 20 में पानी की समस्या होने कर दो टैंकर शुरू किए गए है.
फिलहाल शहर में नर्मदा और यशवंत सागर से कुल 365 एमएलडी पानी आ रहा है. निगम 490 एमएलडी पानी की का दावा करता है. नर्मदा तीसरे चरण को मिलाकर यह दावा किया जाता रहा है. नर्मदा जलूद पंप से फिलहाल 420 एमएलडी पानी आ रहा है, जिसमें से 70 एमएलडी पानी महू, राऊ ओर कुछ पंचायतों को दिया जाता है. निगम सूत्रों के अनुसार करीब 20 से 40 एमएलडी पानी चोरी या लीकेज की भेंट चढ़ जाता है. अभी निगम के सामने एक नई समस्या पैदा हो गई है कि पाइप लाइन में पानी रिवर्स हो रहा है. इसको निगम के अधिकारी पकड़ नहीं पा रहे है. इस कारण लाइन खाली होने से पानी पंपिंग में परेशानी आ रही है.
इन सबसे बढ़कर निगम के सामने चुनौती यह खड़ी हो गई है कि पूरे साल अगले जून तक निजी टैंकर बंद नहीं कर सकता है. एक टैंकर का 22 सौ रुपए 5 ट्रिप लगाने का भुगतान करना है, जिसमें पानी निगम हाइड्रेंट और टंकियों से दिया जाता है.
तीन सौ निजी टैंकरों से वितरण
पिछले साल मार्च से जुलाई के बीच 700 सौ टैंकरों से पानी सप्लाई किया जा रहा था. यानि डेढ़ करोड़ रुपए हर महीने सिर्फ जल वितरण पर अतिरिक्त खर्च निगम को आ रहा है. निगम द्वारा अगस्त से अक्टूबर तक 300 सौ से ज्यादा निजी टैंकर से जल वितरण किया जा रहा है. मतलब यह है कि 65 लाख रुपए महीना सिर्फ निजी टैंकर को पानी सप्लाई का भुगतान निगम द्वारा किया जा रहा है.
10 फीट नीचे हैं जलस्तर
सूत्रों के अनुसार अभी नर्मदा का जल स्तर जलूद पंप पर करीब 10 फीट से ज्यादा नीचे है, जो इस मौसम में अभी से कम हो गया है. यह इस बात का संकेत है कि आने वाले समय में नर्मदा का पानी भी शहर में मांग के अनुसार मिलने में दिक्कत आने की संभावना है.
इस बारे में निगम जल प्रभारी अपर आयुक्त आशीष पाठक ने बताया कि अभी 365 एमएलडी पानी आ रहा है. शहर में नर्मदा लाइन नहीं है, वहां 300 सौ से ज्यादा टैंकरों से पानी दिया जा रहा है. यह बात सही है कि इस साल कम बारिश से टैंकरों को बंद नहीं कर पाए. इसका कारण यह है कि निजी बोरिंग भी रिचार्ज नहीं हुए और पानी की मांग बढ़ गई है.
