इस्लामाबाद, 11 अक्टूबर (वार्ता) पाकिस्तान के राष्ट्रपति आसिफ अली जरदारी ने रविवार को प्रधानमंत्री शहबाज शरीफ सरकार की सलाह पर उत्तर-पश्चिमी प्रांत खैबर पख्तूनख्वा में आपातकाल लगाते हुए पूर्व प्रधानमंत्री इमरान खान की पार्टी पाकिस्तान तहरीक-ए-इंसाफ (पीटीआई) की राज्य सरकार को निलंबित कर दिया है।
केंद्र सरकार की बैठक में प्रधानमंत्री शरीफ ने कहा कि सुरक्षा बल और नागरिक पिछले दो वर्षों से लगातार हमलों का शिकार हो रहे हैं और सरकार मूकदर्शक बनकर नहीं बैठ सकती।
विधि मंत्री आजम नजीर तरार ने इस्लामाबाद में एक संवाददाता सम्मेलन में बताया कि राज्यपाल को कार्यभार संभालने के लिए कहा गया है। उनकी मदद एक सलाहकार परिषद करेगी और यह व्यवस्था शुरुआती तौर पर छह महीने के लिए लागू रहेगी। गृह मंत्रालय ने अफगानिस्तान की सीमा से लगे इस राज्य में फौज को तैनात करने की घोषणा की है। गृह मंत्री मोहसिन नकवी ने स्थिति को जटिल बताते हुए कहा, “स्थिति इतनी गंभीर है कि कुछ जिलों में शाम के बाद कोई भी नागरिक अपने घरों से बाहर नहीं निकलता है।”
केंद्र सरकार और सेना ने, राज्य की बागडोर संभाल रही पीटीआई की सरकार पर आतंकवादियों पर लगाम लगाने में विफल रहने का आरोप लगाया है, जबकि पीटीआई ने इन आरोपों को खारिज करते हुए कहा है कि केंद्र सरकार ने उन्हें आवश्यक धन और साजो सामान ही नहीं दिया है।
यह कार्रवाई ऐसे समय में हुई है जब पीटीआई ने श्री खान की रिहाई का दबाव बनाने के लिए बीते कई दिनों से रैली का आयोजन किया और आने वाले दिनों में राजधानी इस्लामाबाद की ओर मार्च करने की चेतावनी दी है। पार्टी प्रवक्ता जुल्फिकार बुखारी ने कहा, “यह आपातकाल के भेष में तख्तापलट से बढ़कर कुछ नहीं है।” उन्होंने चेतावनी दी कि इस कदम से देश में और अधिक खून-खराबा और अस्थिरता फैलेगी।
प्रस्तावित मार्च से पहले अधिकारियों ने इमरान खान की तीन बहनों और पार्टी के सैकड़ों कार्यकर्ताओं को हिरासत में ले लिया है। उनके करीबी सहयोगी ने बताया कि पीटीआई के मुख्यमंत्री सोहेल अफरीदी की आवाजाही पर भी प्रतिबंध लगा दिए गए हैं। गृह मंत्रालय के अधिकारियों के अनुसार, प्रदर्शनकारियों को संसद तक पहुंचने से रोकने के लिए शिपिंग कंटेनरों से प्रमुख राजमार्गों को ब्लॉक कर दिया गया है और हजारों की संख्या में सुरक्षा बल तैनात किए गए हैं।
