भोपाल। अयोध्या बायपास की कुछ कॉलोनियों में लोग दोहरी परेशानी से जूझ रहे हैं। घरों में पीएनजी कनेक्शन नहीं पहुंचा, लेकिन एलपीजी सिलेंडर की सप्लाई भी रोक दी गई। ऐसे में खाना पकाने के लिए गैस आए तो कहां से?
मध्यप्रदेश हाईकोर्ट में दाखिल याचिका में आरोप लगाया गया है कि कुछ इलाकों में पीएनजी की सुविधा मिलने से पहले ही एलपीजी आपूर्ति बंद कर दी गई। वहीं, कुछ सोसाइटी में पाइपलाइन तो बिछा दी गई, लेकिन कनेक्शन नहीं मिले। थिंक गैस के वेंडर उपलब्ध नहीं होने और पाइपलाइन के लिए खोदे गए गड्ढे नहीं भरे जाने की शिकायतें भी सामने आई हैं।
इन शिकायतों की हकीकत जानने हम पहुंचे अयोध्या नगर, जहां प्रभावित रहवासियों की परेशानी और उनकी मांगों को समझने की कोशिश की।
इस मामले पर हमने थिंक गैस अधिकारी, दुरगेश जी से बात की, उन्होंने हमें बताया कि अयोध्या बायपास के इलाकों में कई कॉलोनियों में थिंक गैस की पाइप लाईन डाल दी गई है। और लोगों को हमारे द्वारा 60 दिनों का नोटिस भी दिया जा रहा है ताकि वह कनेक्शन करवा लें। वहीं जब हमने उनसे एलपीजी के कनेक्शन बंद होने की बात पूछी तो उन्होंने बताया कि ऐसा कोई मामला उनके सामने नहीं आया है।
वहीं, जिला आपूर्ति नियंत्रक चंद्रभान सिंह जादौन के मुताबिक, जिन उपभोक्ताओं के यहां पीएनजी उपलब्ध नहीं है, वे गैस एजेंसी में लिखित शिकायत देकर सत्यापन करा सकते हैं।
सवाल साफ है—जब पीएनजी कनेक्शन मिला ही नहीं, तो एलपीजी सप्लाई रोकने की जिम्मेदारी किसकी है?
