ग्वालियर:मप्र चेंबर ऑफ कॉमर्स एंड इंडस्ट्रीज के प्रतिनिधि मण्डल ने ग्वालियर विकास प्राधिकरण के अध्यक्ष मधुसूदन भदौरिया से जीडीए कार्यालय में भेंट की और उन्हें ‘माधव प्लाजा’ में दुकानों की रजिस्ट्री के अवसर पर माँगे जा रहे ब्याज के संबंध में हितग्राहियों की परेशानियों पर विस्तृत ज्ञापन सौंपा । प्रतिनिधि मण्डल में अध्यक्ष डॉ. प्रवीण अग्रवाल, मानसेवी सचिव दीपक अग्रवाल एवं मानसेवी संयुक्त सचिव दीपक पमनानी शामिल थे ।
जीडीए अध्यक्ष भदौरिया को अवगत कराया कि जब ‘माधव प्लाजा’ की दुकानें व्यवसाईयों द्वारा बुक कराई गईं, तभी हितग्राहियों को पता चला कि इस कॉम्पलेक्स के निर्माण हेतु जीडीए के पास पर्यावरण विभाग की एनओसी ही नहीं हैं, जिसके कारण जीडीए को दुकानें विक्रय करने/रजिस्ट्री करने का अधिकार ही नहीं है । इस पर व्यवसाईयों द्वारा दुकानों की दूसरी व तीसरी किस्त देना बंद कर दिया गया । उसके पश्चात् करीब एक वर्ष बाद जीडीए ‘माधव प्लाजा’ हेतु पर्यावरण की एनओसी ले पाया और व्यवसाईयों ने जब दुकानों की रजिस्ट्री हेतु जीडीए से बात की, तब जीडीए द्वारा गलत रूप से उस पर ब्याज की माँग की जाने लगी ।
पदाधिकारियों ने कहा कि हितग्राहियों से ब्याज माँगे जाने संबंधी बात को तत्कालीन मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान के ‘चेम्बर भवन‘ में पधारने पर उनके सम्मुख प्रस्तुत की गई, जिस पर उनके द्वारा तत्काल ब्याज माफी की घोषणा की गई थी, परन्तु उस समय जीडीए बोर्ड का गठन नहीं हुआ था, इसलिए तत्कालीन सीईओ का कहना था कि चूंकि बोर्ड का गठन नहीं हुआ है । इसलिए इस पर हम निर्णय नहीं ले सकते हैं ।
जीडीए अध्यक्ष मधुसूदन भदौरिया ने इस अवसर पर प्रतिनिधि मण्डल से कहा कि पूर्व मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान द्वारा वर्ष-2023 में जो घोषणा ‘चेम्बर भवन’ में की गई थी, उसका प्रस्ताव पूर्व में शासन को प्रेषित किया जा चुका है । शीघ्र ही इसके निराकरण हेतु आवश्यक हरसंभव कार्यवाही की जाएगी और समस्या का समाधान किया जाएगा । इस अवसर पर जीडीए की सीईओ अनीषा श्रीवास्तव भी उपस्थित थीं।
