ग्वालियर:संजीवन चिकित्सालय से जुड़े संजीवन मेडिकल्स पर बिना वैध ड्रग लाइसेंस के दवाओं का क्रय-विक्रय करने और औषधि निरीक्षक को जांच से रोकने पर कार्रवाई की गई है। खाद्य एवं औषधि प्रशासन ने फर्म को जारी दोनों औषधि विक्रय लाइसेंस तत्काल प्रभाव से निरस्त करते हुए मेडिकल स्टोर परिसर को सील कर दिया है। प्रकरण में जांच पूरी होने तक परिसर बंद रहेगा। औषधि निरीक्षक नीलम भाभर मेडिकल स्टोर के औचक निरीक्षण के लिए पहुंची थीं। उस समय दुकान खुली थी और स्टाफ दवाओं का क्रय-विक्रय कर रहा था। निरीक्षण के लिए प्रवेश करने और लाइसेंस मांगे जाने पर संजीवन चिकित्सालय की डा. अर्चना गुप्ता और स्टाफ ने अधिकारी को रोक दिया। पहचान-पत्र दिखाने और परिचय देने के बावजूद निरीक्षण नहीं करने दिया गया तथा दुकान बंद कर दी गई।
पांच साल पहले समाप्त हो चुकी थी लाइसेंस की वैधता
कार्यालयीन रिकार्ड की जांच में विभाग को पता चला कि मेडिकल स्टोर को जारी लाइसेंस की वैधता पांच जून 2021 को समाप्त हो चुकी थी। विभाग ने इसे बिना वैध लाइसेंस के दवाओं का कारोबार करने का मामला मानते हुए औषधि एवं प्रसाधन सामग्री अधिनियम, 1940 और संबंधित नियमों के उल्लंघन का मामला माना। ऐसे में लाइसेंस निरस्त करने के साथ परिसर को सील कर दिया गया।
औषधि अनुज्ञापन प्राधिकारी अनुभूति शर्मा ने मेडिकल्स संचालक को चेतावनी दी है कि जांच पूरी होने तक दुकान संचालित करने, दवाओं का क्रय-विक्रय करने या सील तोड़कर परिसर खोलने पर नियमानुसार न्यायालयीन कार्रवाई की जाएगी। अधिकारी को कर्तव्य पालन से रोकने और शासकीय कार्य में बाधा डालने का भी आदेश में उल्लेख किया गया है।
