मॉस्को, 10 अक्टूबर (वार्ता) रूसी राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन ने अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप से कहा है कि यूक्रेन ने रूस के संसदीय चुनावों में बाधा डालने की कोशिश करके त्रिपक्षीय शांति वार्ता को तुरंत फिर से शुरू करने की संभावना को कमजोर कर दिया है।
रूसी सरकारी समाचार एजेंसी तास ने शनिवार को एक वरिष्ठ रूसी अधिकारी के हवाले से यह जानकारी दी। क्रेमलिन के सहयोगी यूरी उशाकोव ने कहा कि श्री ट्रंप ने श्री पुतिन की बाताें को गौर से सुना और वह मॉस्को का संदेश यूक्रेनी प्रतिनिधिमंडल तक पहुंचाएंगे, जो अमेरिकी अधिकारियों के साथ बातचीत के लिए मियामी में है।
श्री उशाकोव ने कहा, “हमारे चुनावों में बाधा डालने की कोशिश करके-मॉस्को, अन्य शहरों, मतदान केंद्रों और मुख्य चुनाव दिवस पर मतदान आयोजित करने में शामिल विशिष्ट व्यक्तियों पर बड़े पैमाने पर ड्रोन हमले करके कीव शासन ने असल में बातचीत की प्रक्रिया को फिर से शुरू करने की संभावना को खत्म कर दिया है।”
उन्होंने कहा, “अब जैसा कि राष्ट्रपति ने कहा, हम विचार करेंगे कि ये बातचीत कब फिर से शुरू की जा सकती है।” श्री उशाकोव ने कहा कि श्री पुतिन ने श्री ट्रंप से यह भी कहा कि मॉस्को के युद्ध के लक्ष्य वही हैं, जबकि रूसी सेना युद्ध के मैदान में बढ़त बनाए हुए है और आगे बढ़ रही है।
श्री उशाकोव ने कहा, ” श्री पुतिन ने स्पष्ट कर दिया है कि विशेष सैन्य अभियान (यूक्रेन में युद्ध के लिए क्रेमलिन का शब्द) के लक्ष्यों और उद्देश्यों के बारे में हमारा रुख वही है और साथ ही लंबे समय तक चलने वाली, स्थायी शांति सुरक्षित रूप से हासिल करने के उद्देश्य से राजनीतिक-राजनयिक समाधान के लिए हमारी तत्परता भी वैसी ही है।”
क्रेमलिन के प्रवक्ता दिमित्री पेसकोव ने कहा कि श्री पुतिन को युद्ध को कम करने के उद्देश्य से अमेरिकी प्रस्ताव मिले हैं और उन्होंने उन्हें ‘समझदारी के साथ’ देखा है। उन्होंने कहा कि नेताओं की 90 मिनट की फोन कॉल में ज़्यादातर बातचीत यूक्रेन पर हुई।
श्री उशाकोव ने कहा कि श्री पुतिन ने श्री ट्रंप से यह भी कहा कि अमेरिका-ईरान संघर्ष को सुलझाने के लिए राजनयिक प्रयास जारी रहने चाहिए और वाशिंगटन से तेहरान के साथ समझौता करने का आग्रह किया।
उन्होंने कहा, “श्री पुतिन ने विशेष रूप से इस बात पर जोर दिया कि ईरान के संबंध में कूटनीति की संभावना अभी खत्म नहीं हुई है। तेहरान के साथ समझौते तक पहुंचना संभव और आवश्यक दोनों है।” श्री उशाकोव ने कहा कि गतिरोध को खत्म करने के एक संभावित तरीके के तौर पर ईरान के अत्यधिक संवर्धित यूरेनियम को अपने क्षेत्र में ले जाने का रूस का प्रस्ताव अभी भी विचाराधीन है। उन्होंने यह भी कहा कि श्री ट्रंप ने मॉस्को की इस पहल का स्वागत किया है।
श्री पेस्कोव ने बताया कि श्री पुतिन ने ईरान के राष्ट्रपति मसूद पेज़ेशकियन के साथ मिलकर इस विवाद के संभावित समाधान पर ईरान का पक्ष श्री ट्रंप के सामने रखा है। श्री पेस्कोव के अनुसार श्री पुतिन ने तुर्कमेनिस्तान में ‘कॉमनवेल्थ ऑफ़ इंडिपेंडेंट स्टेट्स’ के नेताओं के शिखर सम्मेलन के दौरान श्री पेज़ेशकियन से दो बार मुलाकात की थी और उन्हें श्री ट्रंप के साथ होने वाली बातचीत के बारे में जानकारी दी थी।
उन्होंने कहा, “इसके बाद ईरानी राष्ट्रपति के साथ समन्वय करते हुए श्री पुतिन ने विवाद के संभावित समाधान के संबंध में ईरान का दृष्टिकोण श्री ट्रंप तक पहुंचाया।” श्री ट्रंप ने श्री पुतिन के साथ शुक्रवार को हुई बातचीत को ‘बेहद सफल चर्चा’ बताया। उन्होंने सोशल मीडिया पर कहा कि रूस अमेरिका और वैश्विक बाजारों को 3,00,000 टन से अधिक डीजल ईंधन की ‘तत्काल आपूर्ति’ करने पर सहमत हो गया है। उन्होंने कहा कि नवंबर में 5,00,000 टन की और आपूर्ति की जाएगी, जिसके बाद रूसी डीजल रिफाइनरियों की स्थिति के आधार पर ‘कम समय के भीतर’ दस लाख टन और अतिरिक्त तीस लाख टन डीजल की आपूर्ति की जाएगी।
श्री पुतिन ने कहा कि अमेरिका और वैश्विक बाजारों में रूसी डीजल की आपूर्ति बढ़ने से विश्व अर्थव्यवस्था को लाभ होगा। उन्होंने बताया कि दोनों नेताओं ने ऊर्जा बाजारों, यूक्रेन युद्ध को समाप्त करने की संभावनाओं, ईरान से जुड़े विवाद और द्विपक्षीय संबंधों पर भी चर्चा की।
