
जबलपुर। विजयनगर थाना अंतर्गत एसबीआई चौक पर पुलिस और कांग्रेस नेता के बीच तीखी नोकझोंक के बाद हुई एफआईआर के विरोध में कांग्रेस ने मोर्चा खोल दिया है। थाना प्रभारी के खिलाफ एफआईआर दर्ज करने एवं दुर्गा पूजा समिति के अध्यक्ष, सदस्यों पर दर्ज एफआईआर निरस्त करने की माँग को लेकर कांग्रेस ने पुलिस अधीक्षक कार्यालय का घेराव किया। कांग्रेस ने पूरे मामले की निष्पक्ष जाँच किसी वरिष्ठ पुलिस अधिकारी से कराने और शिकायत में सामने आए तथ्यों के आधार पर उचित कार्रवाई करने की माँग की। इस दौरान कांग्रेसियों ने जमकर हंगामा भी मचाया। पुलिस और कांग्रेसियों के बीच बहस भी हुई।
जिला कांग्रेस कमेटी शहर अध्यक्ष सौरभ नाटी शर्मा ने बताया कि बीती रात एसबीआई चौक पर निर्माणाधीन दुर्गा पूजा पंडाल में विजयनगर थाना प्रभारी धीरज राज के पहुँचने के दौरान विवाद की स्थिति निर्मित हुई। आरोप है कि थाना प्रभारी ने वहाँ कार्य कर रहे टेंट कर्मचारी के साथ अभद्र व्यवहार किया। टेंट हटाने और दुर्गा प्रतिमा की स्थापना नहीं होने देने की बात कही। इस घटनाक्रम का जब दुर्गा पूजा समिति के अध्यक्ष एवं कांग्रेस नेता जितिन राज, रामेश्वर गिरी एवं अन्य सदस्यों ने विरोध किया, तो उनके विरुद्ध ही एफआईआर दर्ज कर दी गई।
सौरभ नाटी शर्मा ने कहा कि इस पूरे मामले में सबसे बड़ा सवाल यह है कि यदि दुर्गा पूजा पंडाल को लेकर कोई आपत्ति थी, तो उसका समाधान नियमानुसार किया जाना चाहिए था। धार्मिक आयोजन से जुड़े लोगों के विरुद्ध कार्रवाई और पुलिस अधिकारी के कथित व्यवहार को लेकर उठे सवालों की निष्पक्ष जाँच होना आवश्यक है। कानून सभी के लिए समान है और किसी भी पुलिस अधिकारी के विरुद्ध शिकायत मिलने पर भी कानून के अनुरूप कार्रवाई की जानी चाहिए।
उन्होंने कहा कि जिला कांग्रेस कमेटी, शहर जबलपुर पुलिस की इस कथित कार्रवाई को लेकर अपनी आपत्ति दर्ज कराती है। दुर्गा पूजा समिति के सदस्यों के विरुद्ध दर्ज एफआईआर की निष्पक्ष समीक्षा की जानी चाहिए। यदि जाँच में आरोप निराधार पाए जाते हैं, तो उसे निरस्त करने की विधिसम्मत कार्रवाई की जाए। साथ ही, थाना प्रभारी धीरज राज के विरुद्ध शिकायत एवं उपलब्ध साक्ष्यों के आधार पर जाँच कर एफआईआर दर्ज की जाए, ताकि मामले में निष्पक्षता और जवाबदेही सुनिश्चित हो सके।
पुलिस कार्रवाई पर उठे सवाल, अनदेखी की बजाय निष्पक्ष जांच हो-
पूर्व कैबिनेट मंत्री व विधायक लखन घंघोरिया ने कहा कि धार्मिक आस्था से जुड़े आयोजनों में प्रशासन की भूमिका संवेदनशील एवं निष्पक्ष होनी चाहिए। किसी भी नागरिक या धार्मिक आयोजन समिति के सदस्य के साथ अन्याय नहीं होना चाहिए। पुलिस प्रशासन का दायित्व है कि वह कानून व्यवस्था बनाए रखने के साथ-साथ प्रत्येक नागरिक के अधिकारों का भी सम्मान करे। यदि पुलिस की कार्रवाई पर सवाल उठते हैं, तो उनकी अनदेखी करने के बजाय निष्पक्ष जाँच के माध्यम से वास्तविक स्थिति स्पष्ट की जानी चाहिए।
साक्ष्यों के आधार पर उचित निर्णय लिया जाए
सौरभ नाटी शर्मा ने पुलिस अधीक्षक से माँग की कि पूरे प्रकरण की जाँच किसी वरिष्ठ एवं निष्पक्ष अधिकारी से कराई जाए, संबंधित पक्षों के बयान लिए जाएँ और उपलब्ध साक्ष्यों के आधार पर उचित निर्णय लिया जाए। उन्होंने दुर्गा पूजा समिति के अध्यक्ष जितिन राज, रामेश्वर गिरी एवं अन्य सदस्यों के विरुद्ध दर्ज एफआईआर निरस्त करने तथा थाना प्रभारी के विरुद्ध नियमानुसार कार्रवाई करने की माँग दोहराई। उन्होंने स्पष्ट किया कि जिला कांग्रेस कमेटी, शहर जबलपुर न्याय एवं निष्पक्षता के लिए अपनी आवाज उठाती रहेगी। यदि मामले में शीघ्र न्यायोचित कार्रवाई नहीं होती है, तो कांग्रेस पार्टी लोकतांत्रिक तरीके से अपना विरोध दर्ज कराते हुए आगामी कदम उठाएगी।
