मुंबई, भारतीय शेयर बाजार में गुरुवार को बेहद सुस्त और उतार-चढ़ाव भरा माहौल देखने को मिला, जहां शुरुआती कारोबार में घरेलू बेंचमार्क इंडेक्स निफ्टी 22,600 के स्तर के आसपास खुला। शुरुआती आंकड़ों के अनुसार निफ्टी 4 अंक या 0.02 प्रतिशत की हल्की गिरावट के साथ 22,599.05 के स्तर पर ओपन हुआ, जबकि सेंसेक्स 29.30 अंक यानी 0.04 प्रतिशत की मामूली बढ़त के साथ 72,668 के स्तर पर खुला। बाजार में एक तरफ जहां आईटी और फार्मा सेक्टर के शेयरों में अच्छी खरीदारी दर्ज की गई, वहीं दूसरी तरफ फाइनेंशियल, एफएमसीजी और ऑटो सेक्टर के शेयरों में आई सुस्ती ने बढ़त को काफी हद तक सीमित कर दिया।
विदेशी निवेशकों की भारी बिकवाली और अमेरिकी ट्रेजरी यील्ड का दबाव, सेक्टोरल इंडेक्स में मिलाजुला रुख
बाजार के जानकारों का मानना है कि विदेशी संस्थागत निवेशकों (FII) की निरंतर बिकवाली और अमेरिकी 10-वर्षीय ट्रेजरी यील्ड के ऊंचे बने रहने के कारण वैश्विक स्तर पर सतर्कता का माहौल है। बुधवार को भी विदेशी निवेशकों ने बिकवाली जारी रखते हुए 6,121 करोड़ रुपये से अधिक के शेयर बेचे, जबकि घरेलू संस्थागत निवेशकों (DII) ने बाजार को संभालते हुए लगभग 4,596 करोड़ रुपये की खरीदारी की। सेक्टोरल मोर्चे पर निफ्टी आईटी, फार्मा और मिडस्मॉल हेल्थकेयर इंडेक्स 0.59 प्रतिशत तक की तेजी के साथ सबसे आगे रहे, जबकि फाइनेंशियल सर्विसेज और एफएमसीजी शेयरों में गिरावट देखने को मिली।
आरबीआई के नीतिगत रुख और वैश्विक अनिश्चितताओं के बीच निवेशकों की सतर्क चाल, डिफेंसिव सेक्टर्स पर जोर
भारतीय रिजर्व बैंक (RBI) के कैलिब्रेटेड टाइटनिंग रुख के चलते निवेशकों का रुझान अब उन सेक्टर्स की ओर बढ़ रहा है जिन पर ब्याज दरों के बदलाव का सीधा असर नहीं होता है। ऊंचे वैल्यूएशन और वैश्विक अनिश्चितताओं के बीच निवेशक फार्मा जैसे डिफेंसिव सेक्टर्स में सुरक्षित निवेश तलाश रहे हैं। बाजार विश्लेषकों का कहना है कि जब तक वैश्विक बाजार और बॉन्ड यील्ड के मोर्चे पर स्थिति पूरी तरह स्पष्ट नहीं होती, तब तक भारतीय इक्विटी बाजार में इसी तरह की सीमित दायरे वाली और सतर्क चाल बने रहने की पूरी संभावना है।

