नयी दिल्ली, 07 अक्टूबर (वार्ता) भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) ने आरोप लगाया है कि कांग्रेस का संवैधानिक मर्यादा कोई लेना-देना नहीं है और उसका सरोकार सिर्फ अराजकता फैलाने से है।
भाजपा के राष्ट्रीय प्रवक्ता सुधांशु त्रिवेदी ने बुधवार को मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे की मांग को लेकर कांग्रेस के प्रदर्शन के मुद्दे पर संवाददाता को संबोधित करते हुए बिना नाम लिये कांग्रेस नेता राहुल गांधी और श्रीमती प्रियंका गांधी वाड्रा पर निशाना साधा और कहा, “कांग्रेस के प्रथम परिवार ने दिल्ली की सड़कों पर जो किया, वह बेहद दुर्भाग्यपूर्ण और निंदनीय है। इससे यह पूरी तरह स्पष्ट हो जाता है कि उन्हें संवैधानिक मर्यादा से कोई लेना-देना नहीं है, बल्कि उनका सरोकार केवल अराजकता से है।”
उन्होंने कहा कि इसका प्रमाण यह है कि जब चुनाव आयोग उनसे मिलने के लिए तैयार था, तब वे उससे मिलने के लिए तैयार नहीं थे। संविधान कहता है कि चुनाव आयोग, भारत के मुख्य न्यायाधीश या नियंत्रक एवं महालेखा परीक्षक को किसी सवाल का जवाब देने के लिए संसद में नहीं बुलाया जा सकता, लेकिन वे (लोकसभा में विपक्ष के नेता) कहते हैं कि श्री कुमार को उनकी पार्टी के सांसदों के सामने पेश होना चाहिए। इसका मतलब है कि अब संवैधानिक अधिकार नहीं, बल्कि उनके परिवार का अहंकार बोल रहा है।”
भाजपा प्रवक्ता ने कहा, “मैं कांग्रेस पार्टी से कहना चाहता हूं कि उत्तर प्रदेश में समाजवादी पार्टी उन्हें 50 सीटों के लिए उपयुक्त मानती है, लेकिन उन्हें इलेक्ट्रॉनिक मीडिया पर 50 घंटे का प्रचार मिला है। सच्चाई यह है कि उनका सहयोगी दल उन्हें इलेक्ट्रॉनिक मीडिया पर मिले प्रचार के घंटों के बराबर सीटों का हिस्सा पाने के योग्य भी नहीं समझता।”
उन्होंने कहा कि जहां तक चुनाव का सवाल है, कांग्रेस नेता अधीर रंजन चौधरी ने कहा था कि बंगाल में लोकतंत्र नहीं है और पूर्व मुख्यमंत्री ममता बनर्जी के शासन में कांग्रेस कार्यकर्ताओं की हत्या हो रही है। मैं इन नाटक करने वाले लोगों से पूछना चाहता हूं कि वे अपने ही कार्यकर्ताओं के शवों को रौंदते हैं और कहते हैं कि ‘लोकतंत्र बचाने के लिए हमें सुश्री बनर्जी की जरूरत है।’ दिल्ली में आप सही थे या वहां सही थे?”
उन्होंने कहा, “आप संवैधानिक मर्यादा में नहीं, अराजकता में विश्वास करना चाहते हैं। यह संवैधानिक अधिकार नहीं, बल्कि आपके परिवार का अहंकार है। यह स्पष्ट है कि जनता का जनादेश खो चुकी ‘दिमागी नक्सल’ कांग्रेस के पास अब केवल एक रास्ता बचा है मीडिया में सुर्खियां बटोरना और अराजकता का रास्ता चुनना।”
