सिंगरौली :देवसर स्थित शिव मंदिर ट्रस्ट के प्रबंधन और पिछले 10 वर्षों से खातों का ऑडिट न होने के आरोपों पर म.प्र. उच्च न्यायालय ने निर्देश जारी किए हैं।
अदालत ने कलेक्टर सह-रजिस्ट्रार सिंगरौली को याचिकाकर्ता के शिकायत पत्र पर नियमानुसार सुनवाई कर निर्णय लेने का आदेश दिया है। यह याचिका स्थानीय पत्रकार अनुरोध शुक्ला द्वारा दायर की गई थी, जिसकी पैरवी अधिवक्ता शिवम शुक्ला ने वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग से की अधिवक्ता शिवम शुक्ला ने 20 अगस्त 2026 के शिकायत पत्र का हवाला देते हुए बताया कि मंदिर का संचालन सार्वजनिक ट्रस्ट द्वारा होता है, जिस पर म.प्र. लोक ट्रस्ट अधिनियम 1951 लागू होता है।
इसमें प्रबंधन की अनियमितताओं और ऑडिट न होने का मुद्दा उठाया गया है। वहीं राज्य शासन के अधिवक्ता ने स्पष्ट किया कि अधिनियम के तहत कार्रवाई, जांच और सुधारात्मक कदम उठाना कलेक्टर-सह-रजिस्ट्रार का दायरा है। इधर हाईकोर्ट ने कलेक्टर सह रजिस्ट्रार को निर्देश दिया कि वे याचिकाकर्ता व संबंधित ट्रस्टियों को सुनवाई का अवसर देकर 6 सप्ताह के भीतर शिकायत पत्र पर फैसला लें और याचिकाकर्ता को सूचित करें। फिलहाल अदालत ने आरोपों के गुण-दोष पर कोई अंतिम टिप्पणी नहीं की है।
