नयी दिल्ली, (वार्ता) भारत और ब्राजील ने अगले पांच साल में द्विपक्षीय व्यापार को दोगुना कर 30 अरब डॉलर तक पहुंचाने का लक्ष्य रखा है।
ब्राजील के ब्रासीलिया में संपन्न भारत-ब्राजील व्यापार निगरानी तंत्र (टीएमएम) की आठवीं बैठक में भारत-ब्राजील रणनीतिक साझेदारी को रेखांकित करने वाले मजबूत संस्थागत ढांचे और रणनीतिक एवं आर्थिक संबंधों को सुदृढ़ करने के लिए दोनों पक्षों की साझा प्रतिबद्धता पर विचार-विमर्श किया गया। दोनों पक्षों ने और अधिक विविध, संतुलित और निरंतर साझेदारी के माध्यम से, विशेष रूप से फार्मास्यूटिकल्स, रसायन, इंजीनियरिंग सामान और मशीनरी के क्षेत्र में, वर्ष 2030 तक द्विपक्षीय व्यापार को 30 अरब डॉलर तक पहुंचाने की प्रतिबद्धता जताई।
बैठक की सह-अध्यक्षता वाणिज्य सचिव राजेश अग्रवाल और ब्राजील की विदेश व्यापार सचिव तातियाना लैसर्दा प्राजेरेस ने की। श्री अग्रवाल ने ब्राजील सरकार के विकास, उद्योग, वाणिज्य और सेवा मंत्री मार्सियो एलियास रोजा से भी मुलाकात की तथा द्विपक्षीय व्यापार तथा निवेश संबंधों को और सुदृढ़ करने तथा प्राथमिकता वाले क्षेत्रों में आर्थिक सहयोग बढ़ाने पर चर्चा की। भारत और ब्राजील के बीच द्विपक्षीय व्यापार में लगातार वृद्धि देखी गई है। यह वित्त वर्ष 2025-26 में 15.07 अरब डॉलर तक पहुंच गया है।
चर्चा के दौरान, दोनों पक्षों ने भारत-मर्कोसुर संदर्भ शर्तों पर हुई प्रगति की समीक्षा की। साल 2025 में हुए इस समझौते में भारत-मर्कोसुर द्विपक्षीय व्यापार 20.84 अरब डॉलर तक पहुंचने का लक्ष्य है। भारत-मर्कोसुर तरजीही व्यापार समझौते में विस्तार और आधुनिकीकरण की अपार संभावनाएं हैं।
भारतीय दवा उत्पादों के लिए बाजार पहुंच को सुगम बनाने पर भी बैठक में चर्चा हुई। भारत ने अधिक स्थिर नियामक प्रक्रियाओं का समर्थन करने और बाजार तक व्यापक पहुंच को सुगम बनाने की आवश्यकता पर बल दिया और कहा कि वह सस्ती और गुणवत्तापूर्ण दवाओं की उपलब्धता में योगदान दे सकता है और अधिक सुलभ स्वास्थ्य सेवा की दिशा में प्रयासों को मजबूत कर सकता है।
कृषि क्षेत्र में, प्रमुख उत्पादों से संबंधित प्राथमिकता के आधार पर पौध स्वच्छता संबंधी अनुरोधों पर चर्चा को आगे बढ़ाया गया। साथ ही पारस्परिक बाजार पहुंच रियायतों की दिशा में तकनीकी प्रक्रियाओं को समयबद्ध तरीके से आगे बढ़ाने के लिए एक स्पष्ट एजेंडा तैयार किया गया। चर्चा के दौरान इलेक्ट्रॉनिक मूल प्रमाण पत्रों की पारस्परिक मान्यता तथा सूक्ष्म, लघु एवं मध्यम उद्यमों, उद्यमिता और शिल्पकला के क्षेत्र में सहयोग को लेकर हुई उत्साहजनक प्रगति की भी समीक्षा की गयी और इन्हें व्यापार को सुगम बनाने और व्यापार संबंधी गतिविधियों में आने वाली बाधाओं को कम करने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम बताया गया।
दोनों पक्षों ने ब्रिक्स, जी20 और डब्ल्यूटीओ सहित विभिन्न बहुपक्षीय मंचों पर घनिष्ठ समन्वय बनाये रखने और एक खुले, समावेशी एवं विकासोन्मुखी बहुपक्षीय तंत्र को बढ़ावा देने की अपनी प्रतिबद्धता दोहराई। भारत ने ब्रिक्स आर्थिक साझेदारी रणनीति 2030 और जीवीसी कार्य योजना 2026-2030 को आगे बढ़ाने में ब्राजील की भागीदारी की सराहना की। ब्राजील ने ब्रिक्स की अध्यक्षता के दौरान भारत द्वारा किए गए कार्यों, विशेष रूप से ब्रिक्स स्टार्टअप नॉलेज हब और ब्रिक्स बिजनेस इनक्यूबेटर जैसी पहलों के लिए भारत को बधाई दी।
इस द्विपक्षीय चर्चा के तहत, ब्रासीलिया में भारत-ब्राजील उच्च स्तरीय व्यापारिक स्वागत समारोह का भी आयोजन किया गया। इसमें दोनों देशों के प्रमुख व्यापारिक प्रतिनिधियों और उद्योग जगत के हितधारकों ने भाग लिया। वाणिज्य सचिव ने भारतीय व्यापारिक प्रतिनिधिमंडल का नेतृत्व किया, जिसमें किर्लोस्कर समूह, यूपीएल, आदित्य बिरला समूह आदि के प्रतिनिधियों सहित 25 से अधिक भारतीय कंपनियों के प्रतिनिधि शामिल थे। यह महत्वपूर्ण खनिजों, नवीकरणीय ऊर्जा, कृषि व्यवसाय, अवसंरचना, फार्मास्यूटिकल्स, डिजिटल सेवाओं, लॉजिस्टिक्स और उन्नत विनिर्माण जैसे क्षेत्रों में सहयोग के नए रास्ते तलाशने के लिए एक महत्वपूर्ण मंच साबित हुआ।
