इंदौर:स बार बड़ी संख्या में एटीकेटी और सप्लीमेंट्री आने के बाद विश्वविद्यालय ने परीक्षा के प्रश्नपत्र का पैटर्न बदल दिया है. अब सप्लीमेंट्री परीक्षा देने वाले विद्यार्थियों को 15 की जगह 9 प्रश्न ही हल करने होंगे. विश्वविद्यालय के अनुसार इस बदलाव से करीब 15 हजार विद्यार्थी प्रभावित होंगे.दरअसल, मुख्य परीक्षा के दौरान विद्यार्थियों ने तीन घंटे के प्रश्नपत्र को दो घंटे में कराए जाने को लेकर आपत्ति जताई थी. विद्यार्थियों ने विश्वविद्यालय को ज्ञापन देकर कहा था कि कम समय में प्रश्नपत्र हल करने में परेशानी हुई, इसलिए सप्लीमेंट्री परीक्षा का पैटर्न बदला जाए. विद्यार्थियों की मांग पर बोर्ड ऑफ स्टडीज की बैठकों में इस मुद्दे पर चर्चा की गई. शिक्षकों से भी सुझाव लिए गए. इसके बाद सप्लीमेंट्री परीक्षा के प्रश्नपत्र में बदलाव का निर्णय लिया गया. अब विद्यार्थियों को 15 की बजाय 9 प्रश्न हल करने होंगे.
एटीकेटी के बावजूद दूसरे वर्ष में पढ़ाई जारी
इस वर्ष नए ऑर्डिनेंस के तहत एटीकेटी या सप्लीमेंट्री वाले विद्यार्थियों को दूसरे वर्ष में प्रमोट होकर पढ़ाई जारी रखने का प्रावधान भी है. विश्वविद्यालय के अनुसार इससे विद्यार्थियों का एक साल प्रभावित होने से बच सकता है. हालांकि, उन्हें संबंधित सप्लीमेंट्री परीक्षा पास करनी होगी.
जनसुनवाई में 15 मामले, एमए छात्रों ने मांगा रिजल्ट
विश्वविद्यालय की जनसुनवाई में मंगलवार को कुल 15 मामले दर्ज हुए। इनमें एमए सेकंड सेमेस्टर के तीन विद्यार्थी भी पहुंचे. उनका परीक्षा परिणाम अभी जारी नहीं हुआ है, जबकि उन्हें एमपीपीएससी की सहायक प्राध्यापक भर्ती के लिए आवेदन करना है. विद्यार्थियों ने आवेदन की समय-सीमा को देखते हुए कॉन्फिडेंशियल रिजल्ट जारी करने की मांग की.
सीट टेक्नोलॉजी के विद्यार्थियों को लेट फीस के साथ मौका
सीट टेक्नोलॉजी से जुड़े विद्यार्थियों की परीक्षा देर से होने के कारण कुछ विद्यार्थी सप्लीमेंट्री परीक्षा के फॉर्म नहीं भर पाए थे. उनकी समस्या को देखते हुए विश्वविद्यालय ने उन्हें लेट फीस के साथ फॉर्म भरने की अनुमति दे दी है. इन विद्यार्थियों की परीक्षा अगले दो-तीन दिनों में होनी है.
पांच विषयों से जुड़े 11 कोर्स
विश्वविद्यालय के अनुसार यह समस्या अलग-अलग कक्षाओं के विद्यार्थियों से जुड़ी है. पांच विषय—वोकेशनल कोर्स, एक भारत, हिंदी, अंग्रेजी और मल्टीडिसिप्लिनरी कोर्स—कई पाठ्यक्रमों में शामिल हैं. इनसे जुड़े कुल 11 कोर्स के विद्यार्थी परीक्षा पैटर्न में बदलाव की मांग को लेकर सामने आए थे.
विद्यार्थियों के ज्ञापन और उनकी समस्याओं पर चर्चा के बाद विश्वविद्यालय ने सप्लीमेंट्री परीक्षा का पैटर्न बदलने का निर्णय लिया है. अब इस बदलाव का असर आगामी सप्लीमेंट्री परीक्षाओं में दिखाई देगा
