
खंडवा। जब शहरों में सीमेंट और कंक्रीट बढ़ रहे हों, पेड़-पौधों और पक्षियों के लिए जगह लगातार कम होती जा रही हो, तब किसी मुंडेर पर रखी एक छोटी-सी भोजन की थाली भी बड़ी सीख दे जाती है। खंडवा के रेलवे ओवरब्रिज पर इन दिनों ऐसा ही दृश्य दिखाई दे रहा है। श्राद्ध पक्ष में लोग अपने दिवंगत परिजनों की स्मृति में भोजन लेकर यहां पहुंच रहे हैं और उसे कौवों सहित दूसरे पशु-पक्षियों के लिए रख रहे हैं।
कुछ ही देर में सूनी मुंडेर पक्षियों की चहचहाहट से गुलजार हो जाती है।समाजसेवी सुनील जैन ने बताया कि हिंदू धर्म में श्राद्ध पक्ष के दौरान दिवंगत परिजनों की स्मृति में तर्पण और भोजन कराने की परंपरा है। इसी क्रम में कौवे को भोजन कराने की मान्यता भी है। शहर में आम दिनों में कौवे कम दिखाई देते हैं, लेकिन श्राद्ध पक्ष शुरू होते ही रेलवे ब्रिज और आसपास के पेड़ों पर इनकी मौजूदगी नजर आने लगती है।
