नयी दिल्ली (वार्ता) दिल्ली पुलिस की उत्तर पूर्व जिला विशेष टीम ने भजनपुरा में हुई हत्या के प्रयास और फायरिंग की वारदात को सुलझाते हुए दो बदमाशों को गिरफ्तार किया है।
प्राप्त जानकारी के अनुसार आरोपियों को जब रोका गया, तो उन्होंने पुलिस टीम पर 12 राउंड फायरिंग की। दो पुलिसवालों को गोलियां लगीं, लेकिन उनकी बुलेट-प्रूफ जैकेट की वजह से वे बच गए। बचाव में पुलिस टीम ने भी आरोपियों पर फायरिंग की जिससे दोनों आरोपी घायल हो गए और उन्हें पकड़ लिया गया।
एक वरिष्ठ पुलिस अधिकारी के मुताबिक विशेष टीम ने इस मामले में आरोपियों से तीन सेमी-ऑटोमैटिक पिस्टल, 18 ज़िंदा राउंड भी बरामद किए हैं। उन्होंने बताया कि गत दो अक्टूबर को तड़के करीब 3:20 बजे भजनपुरा पुलिस स्टेशन में फायरिंग की घटना की जानकारी मिली और पुलिस टीम तुरंत मौके पर पहुंची। गली नंबर 16, सुभाष विहार, नॉर्थ घोंडा में जहां शिकायत करने वाले ने बताया कि देर रात करीब 02:43 बजे, उसने गली में शोर सुना और अपनी बालकनी में आया।
शिकायतकर्ता ने देखा कि दो लोग स्कूटी पर सवार थे और उनके पास पिस्तौल थी और हमलावरों ने कथित तौर पर उस पर और हवा में गोलियां चलाईं और मौके से भाग गए।
गोलियां इमारत की कांच की रेलिंग और बाहरी दीवार पर लगीं। इस घटना में किसी को चोट नहीं आई।
घटना की गंभीरता को देखते हुए विशेष टीम ने आस-पास के सीसीटीवी फुटेज और मौजूद सबूतों को अच्छी तरह से जांचा और खुफिया जानकारी इकट्ठा की और संदिग्धों का पता लगाने के लिए कई जगहों पर छापे मारे। रविवार-सोमवार की दरमियानी रात को टीम को फायरिंग की घटना में शामिल आरोपियों के मूवमेंट के बारे में खास जानकारी मिली।
टीम ने सूचना पर कार्रवाई करते हुए नानकसर से थर्ड पुश्ता रोड, उस्मानपुर की ओर जाने वाली सड़क पर जाल बिछाया। देर रात करीब 2:45 बजे बिना रजिस्ट्रेशन प्लेट वाली मोटरसाइकिल पर जा रहे दो लोगों को देखा गया और उन्हें रोका गया, जिस पर कथित तौर पर उन लोगों ने पुलिसवालों पर फायरिंग कर दी।
आरोपियों की पहचान जसीम उर्फ आलू के रूप में हुई है। वह वेलकम, दिल्ली का रहने वाला है, और दिल्ली पुलिस की स्पेशल सेल में दर्ज आर्म्स एक्ट के एक मामले में पहले भी शामिल रहा है।
दूसरे आरोपी की पहचान कैफ उर्फ डीजे के रूप में हुई है। वह भी वेलकम, दिल्ली का ही रहने वाला है।
जांच के दौरान दोनों आरोपियों ने फायरिंग की घटना में अपनी संलिप्तता का खुलासा किया और कहा कि उन्होंने कथित तौर पर राशिद उर्फ केबलवाला नाम के एक व्यक्ति के कहने पर शिकायतकर्ता और उसके घर पर फायरिंग की थी। उनके खुलासे और दूसरे लोगों की भूमिका को और सत्यापित किया जा रहा है।
