
उज्जैन। महाकुंभ की तैयारी के बीच में सडक़ सुरक्षा पर भी गंभीरता से न सिर्फ चर्चा की गई,बल्कि कई बड़े निर्णय भी लिए गए, दुर्घटना की स्थिति में होटल रेस्टोरेंट के बाहर भी जरूरी नंबर लिखा होना चाहिए ताकि प्रभावितों को तुरंत इलाज मिल सके, 50 करोड़ श्रद्धालु जब कुंभ में आएंगे तो उसके लिए व्यवस्थाएं अभी से चाकचोबंद होना चाहिए।
हाई-वे पर हादसे की स्थिति में घायलों को तत्काल मदद मिल सके, इसके लिए संभाग के ब्लैक स्पॉट वाले क्षेत्रों में सडक़ किनारे संचालित ढाबों और रेस्टोरेंटों पर नजदीकी अस्पताल, एंबुलेंस और थानों के फोन नंबर प्रदर्शित किए जाएंगे। यहां काम करने वाले कर्मचारियों को दुर्घटना में घायल व्यक्ति को सुरक्षित तरीके से अस्पताल पहुंचाने और आपात स्थिति में सीपीआर देने का प्रशिक्षण भी दिया जाएगा। डॉक्टर और पैरामेडिकल स्टाफ के माध्यम से प्रशिक्षण की व्यवस्था की जाएगी।
यह निर्णय सोमवार को प्रशासनिक संकुल भवन में हुई संभागीय सडक़ सुरक्षा समिति की बैठक में लिया गया। बैठक में संभागायुक्त आशीष सिंह, एडीजी राकेश गुप्ता, डीआईजी नवनीत भसीन सहित संभाग के सभी जिलों के कलेक्टर, उज्जैन पुलिस अधीक्षक प्रदीप शर्मा सहित अन्य जिलों के एसपी,आरटीओ और नगर निगम के अधिकारी मौजूद रहे।
धार्मिक और सामाजिक स्थलों के आसपास ऐसी रपटें जहां बारिश या बाढ़ के दौरान पानी ऊपर आ जाता है और दुर्घटना का खतरा बना रहता है, वहां बड़े पुल बनाने के प्रस्ताव तैयार किए जाएंगे। नलखेड़ा जैसी दुर्घटनाओं की आशंका वाले स्थानों को प्राथमिकता में रखा जाएगा और प्रस्ताव शासन को भेजे जाएंगे। राष्ट्रीय राजमार्ग और एमपीआरडीसी की सडक़ों पर बनाए गए अवैध कट बंद किए जाएंगे। ढाबों, पेट्रोल पंपों अथवा अन्य प्रतिष्ठानों के सामने नियम विरुद्ध कट पाए जाने पर संबंधित इंजीनियर की जवाबदेही तय होगी। जहां कट जरूरी हैं, वहां संकेतक, स्पीड ब्रेकर या रंबल स्ट्रिप की व्यवस्था की जाएगी। पेट्रोल पंप और ढाबों के लिए अनावश्यक कट देने पर भी रोक रहेगी।
आगर में 6, देवास में 12 ब्लैक स्पॉट
आगर जिले में 6 ब्लैक स्पॉट चिन्हित किए गए हैं। शाजापुर की 8 पंचायतों में मिशन जीवन रक्षक के तहत प्रशिक्षण कराया गया है। देवास में 12 ब्लैक स्पॉट चिन्हित हैं, जहां ओवरस्पीड रोकने के लिए रंबल स्ट्रिप और स्पीड ब्रेकर की जरूरत बताई गई। रतलाम में 280 वाहनों की जांच कर 43 के चालान बनाए गए। हाईवे किनारे ढाबों के पास खड़े ट्रकों के कारण दुर्घटना की आशंका को देखते हुए सर्विस रोड व्यवस्था को भी दुरुस्त करने की जरूरत बताई गई। मंदसौर और नीमच में भी सडक़ हादसों के बाद मुआवजा प्रकरणों के त्वरित निराकरण पर जोर दिया गया।
टोल पर सीट बेल्ट और हेलमेट की जांच
एडीजी राकेश गुप्ता ने शहर की सब्जी मंडियों के कारण प्रभावित यातायात व्यवस्था सुधारने, सडक़ों पर घूमने वाले गोवंश को गौशालाओं तक पहुंचाने और टोल नाकों के आसपास सीट बेल्ट की जांच बढ़ाने पर जोर दिया। दोपहिया वाहन चालकों को हेलमेट के लिए जागरूक करने के साथ चेकिंग के दौरान यातायात बाधित नहीं होने देने की बात कही गई। एनएचएआई, एमपीआरडीसी और पुलिस आपस में अपने बल और एंबुलेंस के संपर्क नंबर साझा करेंगे। उज्जैन पुलिस ने बताया कि शहर में फिलहाल करीब 2 हजार वाहनों की पार्किंग व्यवस्था है, जिसे बढ़ाने की जरूरत है।
